भारत छोड़ो आंदोलन के दौरान 18 अगस्त 1942 को गाजीपुर के शेरपुर के क्रांतिकारी तिरंगा फहराने मोहम्मदाबाद तहसील पहुंचे थे. ब्रिटिश सैनिकों की गोलीबारी में 8 स्वतंत्रता सेनानियों ने शहादत दी, जिन्हें बाद में ‘अष्ट शहीद’ के नाम से जाना गया.
Esuru Independence History: भारत की आजादी की कहानी सिर्फ बड़े आंदोलनों और महान नेताओं तक सीमित नहीं है. देश के छोटे-छोटे गांवों में भी ऐसे साहसिक विद्रोह हुए, जिन्होंने अंग्रेजी हुकूमत की नींव को चुनौती दी. कर्नाटक के शिवमोग्गा...
नई दिल्ली। राज्यसभा सांसद और पूर्व उप मुख्यमंत्री डॉ. दिनेश शर्मा ने कहा कि आजाद भारत में गुलामी के प्रतीक चिह्न स्वीकार नहीं किए जा सकते हैं। उनका कहना था कि दुनिया के कई देश गुलामी की प्रतीकों को...
लखनऊः किसानों के अच्छी खबर है. सरकार ने गन्ना किसानों के लिए बड़ा ऐलान किया है. गन्ना पर्चियां जारी करने में गन्ना विकास विभाग द्वारा सैनिकों, अर्द्धसैनिक बलों, भूतपूर्व सैनिकों व स्वतंत्रता संग्राम सेनानियों को 20 प्रतिशत प्राथमिकता दी...
Khan Bahadur Khan: आज हम बरेली जनपद के एक ऐसे क्रांतिकारी की बात कर रहे हैं, जिसने ब्रिटिश हुकूमत को घुटने के बल ला दिया था, लेकिन आज वह गुमनामी के दौर से गुजर रहा है. रुहेलखंड मंडल को...