इस्लामाबाद: मिडिल ईस्ट संकट के कारण होर्मुज जलडमरूमध्य में जो गतिरोध हुआ, उसका साफ असर पाकिस्तान पर दिखाई दे रहा है. पाकिस्तान की हालत खराब हो रही है और यहां लग्जरी गाड़ियों में इस्तेमाल होने वाले उच्च-ऑक्टेन ईंधन की कीमतों में...
बढ़ती घरेलू मांग, बेहतर कीमतों और निर्यात में वृद्धि से भारत के मखाना बाजार को रफ्तार मिल रही है. सरकारी फैक्टशीट के मुताबिक 2029-30 तक बाजार 12 हजार करोड़ रुपये तक पहुंच सकता है.