पेट्रोल और डीजल की कीमतों में बढ़ोतरी के बाद आम लोगों की चिंता बढ़ गई है. ईंधन महंगा होने से अब राशन, सब्जियां, यात्रा, ऑनलाइन डिलीवरी और निर्माण सामग्री तक महंगी हो सकती है.
बढ़ती घरेलू मांग, बेहतर कीमतों और निर्यात में वृद्धि से भारत के मखाना बाजार को रफ्तार मिल रही है. सरकारी फैक्टशीट के मुताबिक 2029-30 तक बाजार 12 हजार करोड़ रुपये तक पहुंच सकता है.