एलारा कैपिटल की रिपोर्ट के अनुसार भारत सरकार पेट्रोल और डीजल पर एक्साइज ड्यूटी घटाकर कच्चे तेल की बढ़ती कीमतों का असर 110 डॉलर प्रति बैरल तक संभाल सकती है.
अमेरिका द्वारा ईरान के खारग द्वीप पर हमले के बाद वैश्विक तेल बाजार में तेजी देखी गई. ब्रेंट क्रूड 104 डॉलर प्रति बैरल के पार पहुंच गया, जबकि होर्मुज जलडमरूमध्य में तनाव से तेल आपूर्ति को लेकर चिंता बढ़ गई है.
US-Israel Attack Iran : अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने एक बड़ा फैसला लेते हुए सभी देशों को 30 दिनों के लिए रूसी तेल खरीदने की अस्थायी छूट दे दी है. यह फैसला ऐसे समय लिया गया है, बता दें...
कच्चे तेल की कीमतों में बुधवार को गिरावट देखने को मिली और ब्रेंट क्रूड 90 डॉलर प्रति बैरल से नीचे आ गया. IEA द्वारा इमरजेंसी रिजर्व से तेल जारी करने की संभावना के बाद बाजार में दबाव बढ़ा है.
US Israel Iran War: अमेरिका ने रूस के समुद्र में फंसे तेल के जहाजों को भारत भेजने की इजाजत दे दी है. लेकिन यह सिर्फ 30 दिनों की अस्थायी छूट है. दो सीनियर अमेरिकी अधिकारियों ने रॉयटर्स को जानकारी...