Hathras Satsang Accident: ये तो सच है कि जिंदगी तो बेवफा एक दिन ठुकराएगी, लेकिन यूं सांसे थम जाएगी, शायद हाथरस हादसे में जान गंवाने वालों ने कभी नहीं सोचा होगा. भगदड़ के बीच लोगों में चीख-पुकार मच गई....
बढ़ती घरेलू मांग, बेहतर कीमतों और निर्यात में वृद्धि से भारत के मखाना बाजार को रफ्तार मिल रही है. सरकारी फैक्टशीट के मुताबिक 2029-30 तक बाजार 12 हजार करोड़ रुपये तक पहुंच सकता है.