भारत छोड़ो आंदोलन के दौरान 18 अगस्त 1942 को गाजीपुर के शेरपुर के क्रांतिकारी तिरंगा फहराने मोहम्मदाबाद तहसील पहुंचे थे. ब्रिटिश सैनिकों की गोलीबारी में 8 स्वतंत्रता सेनानियों ने शहादत दी, जिन्हें बाद में ‘अष्ट शहीद’ के नाम से जाना गया.
नई दिल्ली। राज्यसभा सांसद और पूर्व उप मुख्यमंत्री डॉ. दिनेश शर्मा ने कहा कि आजाद भारत में गुलामी के प्रतीक चिह्न स्वीकार नहीं किए जा सकते हैं। उनका कहना था कि दुनिया के कई देश गुलामी की प्रतीकों को...
Partition Horror Memorial Day: हिंदुस्तान 14 अगस्त को ‘विभाजन विभीषिका स्मृति दिवस’ के रूप में मना रहा है, जो नए स्वतंत्र भारतीय राष्ट्र के जन्म के साथ जुड़े विभाजन के हिंसक दर्द को याद करने का दिन है. इस...
ऐसे वक्त में जब भारत के सेकुलर और विपक्ष के आइडल सांगा, शिवाजी, महाराणा नहीं बाबर और औरंगजेब हो चुके हैं, युवाओं को सांस्कृतिक प्रदूषण से बचाना हमारी सामूहिक जिम्मेदारी हो जाती है. उक्त बातें पूर्व केंद्रीय मंत्री एवं...