Jobs in Germany: जर्मनी में लंबे समय से कुशल कामगारों की कमी बनी हुई है, जिसकी एक बड़ी वजह वहां की तेजी से बुढ़ी हो रही आबादी है. ऐसे में ओलाफ शॉल्त्स सरकार भारतीयों को लुभाने का प्रयास कर...
बढ़ती घरेलू मांग, बेहतर कीमतों और निर्यात में वृद्धि से भारत के मखाना बाजार को रफ्तार मिल रही है. सरकारी फैक्टशीट के मुताबिक 2029-30 तक बाजार 12 हजार करोड़ रुपये तक पहुंच सकता है.