New Year Investment Plan: इंसान का समय हर वक्त एक जैसा नहीं रहता है. कब क्या हो जाए और किस चीज जरूरत पड़ जाए कुछ कहा नहीं जा सकता. ऐसे में लोग अपने भविष्य के लिए कुछ निवेश करते...
बढ़ती घरेलू मांग, बेहतर कीमतों और निर्यात में वृद्धि से भारत के मखाना बाजार को रफ्तार मिल रही है. सरकारी फैक्टशीट के मुताबिक 2029-30 तक बाजार 12 हजार करोड़ रुपये तक पहुंच सकता है.