Manufacturing Sector: भारत का मैन्युफैक्चरिंग सेक्टर तेजी से आर्थिक विकास का अहम आधार बन रहा है. रक्षा उत्पादन, इलेक्ट्रॉनिक्स, मोबाइल निर्माण और सेमीकंडक्टर में निवेश के साथ उत्पादन और निर्यात में भी बड़ी बढ़ोतरी दर्ज हुई है.
जून 2026 में भारत की औद्योगिक उत्पादन वृद्धि दर 7.3 प्रतिशत रही. विनिर्माण क्षेत्र, इलेक्ट्रिकल उपकरण और ऑटोमोबाइल उद्योग ने शानदार प्रदर्शन किया, जबकि निर्यात और घरेलू मांग ने औद्योगिक गतिविधियों को मजबूती दी.
भारत का औद्योगिक उत्पादन सूचकांक (IIP) जून 2026 में सालाना आधार पर 7.3% बढ़ा है. मैन्युफैक्चरिंग सेक्टर में 7.8% और बिजली एवं गैस आपूर्ति में 10.6% की मजबूत वृद्धि दर्ज की गई. इलेक्ट्रिकल उपकरण, ऑटोमोबाइल और खाद्य उत्पादों के उत्पादन में सबसे अधिक बढ़ोतरी देखने को मिली.
मई 2026 में भारत का मैन्युफैक्चरिंग PMI बढ़कर 55.0 पर पहुंच गया. नए ऑर्डर, उत्पादन और खरीद गतिविधियों में तेजी के चलते विनिर्माण क्षेत्र पिछले तीन महीनों के सबसे मजबूत स्तर पर पहुंच गया.
भारत के इंजीनियरिंग उत्पादों का निर्यात अप्रैल 2026 में 8.78 प्रतिशत बढ़कर 10.35 अरब डॉलर पहुंच गया. वैश्विक चुनौतियों और पश्चिम एशिया में तनाव के बावजूद अधिकांश क्षेत्रों में निर्यात वृद्धि दर्ज की गई.
जनवरी में भारत के कमर्शियल व्हीकल उद्योग की थोक बिक्री 27% बढ़कर 99,544 यूनिट पहुंच गई. GST दर में कटौती और बढ़ती माल ढुलाई गतिविधियों से ट्रकों की मांग में तेज उछाल आया है.
आर्थिक सर्वेक्षण 2025-26 के अनुसार भारत का मैन्युफैक्चरिंग सेक्टर तेजी से मजबूत हो रहा है. GVA ग्रोथ 9% के पार पहुंच चुकी है और उच्च तकनीक उद्योगों का योगदान बढ़ा है. इससे भारत की वैश्विक औद्योगिक प्रतिस्पर्धा और आर्थिक विकास को मजबूती मिली है.