Washington: अमेरिका यूरोपीय देश पोलैंड की संसद के निचले सदन के अध्यक्ष व्लोदिमीएर्ज चेर्जेस्टी के साथ अब आगे कोई लेन-देन, संपर्क या संवाद नहीं करेगा. यह घोषणा गुरूवार को पोलैंड में अमेरिका के राजदूत ने की है. राजदूत टॉम रोज ने यह कदम अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के खिलाफ बिना कारण दिए गए अपमानजनक बयान को लेकर उठाया है.
टिप्पणियां क्या थीं कथित अपमानजनक?
हालांकि रोज ने यह स्पष्ट नहीं किया कि कथित अपमानजनक टिप्पणियां क्या थीं? लेकिन चेर्जेस्टी ने सोमवार को एक सार्वजनिक बयान में कहा था कि वह इजराइल और अमेरिका के नेताओं की उस पहल का समर्थन नहीं करेंगे, जिसमें ट्रंप को नोबेल शांति पुरस्कार के लिए नामित करने की बात थी.
सहयोगियों को एक-दूसरे का सम्मान करना चाहिए
उधर, पोलैंड के प्रधानमंत्री टस्क ने रोज की घोषणा पर तुरंत प्रतिक्रिया दी. उन्होंने कहा कि सहयोगियों को एक-दूसरे का सम्मान करना चाहिए, उपदेश नहीं देना चाहिए. अब इस विवाद के बाद पोलैंड की मुश्किल बढनी तय मानी जा रही हैं. चेर्जेस्टी उस वामपंथी पार्टी के नेता हैं जो प्रधानमंत्री डोनाल्ड टस्क के नेतृत्व वाली उदार सरकार का हिस्सा हैं.
यूक्रेन में शांति काफी हद तक अमेरिका पर निर्भर
ट्रंप के सत्ता में आने के बाद से पोलैंड को अपने यूरोपीय सहयोगियों का बचाव करते हुए अमेरिका को नाराज न करने की कठिन स्थिति का सामना करना पड़ रहा है, क्योंकि पड़ोसी यूक्रेन में शांति काफी हद तक अमेरिका पर निर्भर है. पोलैंड ने संतुलन बनाने के लिए टस्क को यूरोपीय संघ मामलों में आगे रखा जबकि राष्ट्रपति कैरोल नावरोत्स्की ने ट्रंप से संबंध मजबूत किए.
पोलैंड से नहीं हटाएंगे अमेरिकी सैनिक
नावरोत्स्की को ट्रंप का समर्थन मिला था और उन्हें अमेरिकी राष्ट्रपति के आधिकारिक आवास एवं कार्यालय व्हाइट हाउस भी बुलाया गया था. ट्रंप ने कहा था कि वह पोलैंड से अमेरिकी सैनिक नहीं हटाएंगे लेकिन इस सप्ताह का विवाद पोलैंड की मुश्किल स्थिति दिखाता है. चेर्जेस्टी ने सोमवार को कहा था कि ट्रंप नोबेल शांति पुरस्कार के योग्य नहीं हैं. वह ताकत की राजनीति अपनाते हैं, जिससे अंतरराष्ट्रीय कानून टूटता है.
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