Study : आज के समय में अधिकतर विद्यार्थी एक समस्या का सामना कर रहे हैं, पढ़ाई में मन नहीं लगता. किताब खोलते ही ऊबासी आने के साथ मन भटक जाता है. कभी मोबाइल की याद आती है, कभी गेम...
बढ़ती घरेलू मांग, बेहतर कीमतों और निर्यात में वृद्धि से भारत के मखाना बाजार को रफ्तार मिल रही है. सरकारी फैक्टशीट के मुताबिक 2029-30 तक बाजार 12 हजार करोड़ रुपये तक पहुंच सकता है.