Study : आज के समय में अधिकतर विद्यार्थी एक समस्या का सामना कर रहे हैं, पढ़ाई में मन नहीं लगता. किताब खोलते ही ऊबासी आने के साथ मन भटक जाता है. कभी मोबाइल की याद आती है, कभी गेम खेलने का मन करता है, तो कभी सोशल मीडिया पर स्क्रोलिंग करने का मन करता है. यह कोई छोटी समस्या नहीं है, बल्कि आपकी पढ़ाई और रिजल्ट दोनों पर सीधा प्रभाव करती है.
दरअसल समस्या आपकी किताबों या विषय में नहीं है, बल्कि आपके मन में है. मन का स्वभाव ही चंचल होता है. इसे आमतौर पर बंदर से तुलना की जाती है. जहां मौका मिला, वहीं कूदना-भटकना शुरू कर देता है. अगर इसे कंट्रोल नहीं किया, तो यह आपको कभी भी फोकस करने नहीं देगा. इस समस्या का हल कोई नया नहीं है. हमारे ऋषि-मुनियों ने सैकड़ों वर्ष पहले ही मन को शांत करने के तरीके बताए हैं. पढ़ाई शुरू करने से पहले मन को काबू में करना बेहद जरूरी है, क्योंकि जब तक मन शांत नहीं होगा, तब तक दिमाग सही तरीके से काम नहीं करेगा.
ऐसे में पढ़ाई शुरू करने से पहले एक सरल तरीका अपनाया जा सकता है. मां सरस्वती का बीज मंत्र- इस मंत्र को पढ़ाई से ठीक पहले आंख बंद करके 11 बार शांति से बोलें. यह किसी भी तरह का चमत्कार नहीं, बल्कि एक मानसिक प्रक्रिया है, जो आपके दिमाग को एक जगह केंद्रित करने में मदद करती है. इससे आपके भटकते विचार धीरे-धीरे शांत होने लगते हैं.
प्राचीन समय में गुरुकुलों में भी छात्रों को इसी तरह ध्यान और मंत्रों के जरिए अपने मन को नियंत्रित करना सिखाया जाता था. इससे वे पढ़ाई पर पूरी तरह फोकस कर पाते थे और ज्ञान को गहराई से समझ पाते थे.यह तरीका आज भी उतना ही प्रभावी है, बस इसे सही तरीके से अपनाया जाए. अगर आप प्रतिदिन इस मंत्र का जाप करते हैं, तो आपको 7 दिनों के भीतर फर्क महसूस होने लगता है. आपका ध्यान पहले से ज्यादा स्थिर होगा और पढ़ाई में मन लगने लगेगा. लेकिन शर्त एक ही है, आपको इसे ईमानदारी से करना होगा.
कुल मिलाकर अगर आप सच में अपने एग्जाम को लेकर गंभीर हैं, तो केवल किताबें खोलने से काम नहीं चलेगा. आपको मन को भी काबू में करना सीखना होगा. जब मन भटकना बंद करेगा, तभी दिमाग सही तरीके से काम करेगा और बेहतर परिणाम हासिल कर पाएंगे.
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