भारत में दो वर्षों में 200 से अधिक नए ग्लोबल कैपेबिलिटी सेंटर्स खुले हैं. रिपोर्ट के अनुसार आने वाले वर्षों में GCC ऑफिस स्पेस 350 मिलियन स्क्वायर फीट तक पहुंच सकता है.
भारत अब केवल सस्ते टैलेंट के लिए नहीं, बल्कि सांस्कृतिक लचीलापन और ग्लोबल समझ के कारण GCCs का विश्वसनीय केंद्र बन गया है. विदेशी कंपनियां भारतीय टैलेंट को प्राथमिकता दे रही हैं.