Washington: अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने हमले के बाद कहा कि जब कोई नेता बड़ा असर डालता है तो वह विरोधियों के लिए बड़ा लक्ष्य बन जाता है. ट्रंप ने यह भी कहा कि अगर आज का हमला सफल हो जाता तो एक बार फिर अमेरिका में ब्लैक अप्रैल हो जाता. लेकिन सिक्योरिटी की तुरंत सक्रियता ने उनकी जान बचा ली. उन्होंने कहा कि यह घटनाएं दिखाती हैं कि अमेरिका में शीर्ष नेताओं की सुरक्षा हमेशा एक बड़ी चुनौती रही है.
इतिहास में हत्याओं का अध्ययन
ट्रंप ने खुद बताया कि आखिर उन्हें ही बार-बार निशाना क्यों बनाया जा रहा है? ट्रंप ने कहा कि उन्होंने इतिहास में राजनीतिक हत्याओं का अध्ययन किया है. उनका मानना है कि जो नेता सबसे ज्यादा प्रभावशाली होते हैं, वही हमलावरों के निशाने पर आते हैं. जब उनसे पूछा गया कि आप पर ही क्यों हमले किए जा रहे हैं, तो उन्होंने इसके कहा कि इसकी वजह 161 साल पुरानी है।
यह कोई पहली घटना नहीं
व्हाइट हाउस से बयान देते हुए ट्रंप ने हाल के हमलों पेंसिल्वेनिया, फ्लोरिडा और अब वॉशिंगटन का जिक्र करते हुए कहा कि यह कोई पहली घटना नहीं है. ट्रंप ने इस हमले को इतिहास से जोड़ते हुए अब्राहम लिंकन का उदाहरण दिया. उन्होंने बताया कि लिंकन को भी कई बार धमकियां मिली थीं और आखिरकार अप्रैल 1865 में उनकी हत्या कर दी गई थी. ट्रंप ने इशारा किया कि अप्रैल का महीना अमेरिका के इतिहास में खतरनाक घटनाओं से जुड़ा रहा है, जिसे कुछ लोग “ब्लैक अप्रैल” के रूप में देखते हैं.
इस बार भी हो सकता था बड़ा हादसा
उन्होंने यह भी कहा कि अगर सुरक्षा एजेंसियां समय पर सक्रिय नहीं होतीं, तो इस बार भी बड़ा हादसा हो सकता था. इस घटना के दौरान US Secret Service ने तुरंत कार्रवाई करते हुए हमलावर को काबू में कर लिया और ट्रंप सहित फर्स्ट लेडी मेलानिया ट्रंप तथा अन्य नेताओं को सुरक्षित बाहर निकाल लिया. ट्रंप ने सुरक्षा एजेंसियों की तारीफ करते हुए कहा कि उनकी तेजी और बहादुरी की वजह से एक बड़ा संकट टल गया.
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