Chennai Office Market: चेन्नई के ऑफिस रियल एस्टेट बाजार में मिड-साइज ऑफिस स्पेस की मांग तेजी से बढ़ रही है. नाइट फ्रैंक इंडिया की नई रिपोर्ट के मुताबिक, 2026 की पहली छमाही में 50,000 से 1,00,000 वर्ग फुट श्रेणी...
GCC Office Space Demand: भारत ग्लोबल कैपेबिलिटी सेंटर (GCC) का बड़ा केंद्र बनता जा रहा है. कोलियर्स की रिपोर्ट के अनुसार अगले दो वर्षों में देश में ग्रेड-ए ऑफिस स्पेस की करीब आधी मांग GCC से आने का अनुमान है.
भारत के रियल एस्टेट सेक्टर ने 2026 की पहली छमाही में नया रिकॉर्ड बनाया है. सीबीआरई की रिपोर्ट के अनुसार, जनवरी से जून के बीच 8.5 अरब डॉलर का इक्विटी निवेश हुआ, जो पिछले साल की तुलना में 32 प्रतिशत अधिक है.
भारत एशिया-प्रशांत क्षेत्र में सबसे किफायती ऑफिस फिट-आउट मार्केट बन गया है. कम लागत और बेहतर क्वालिटी के कारण ग्लोबल कंपनियों की दिलचस्पी तेजी से बढ़ रही है.
रिपोर्ट के मुताबिक भारत के प्रमुख शहरों में ऑफिस स्पेस की मांग का लगभग 50% हिस्सा ग्लोबल कैपेबिलिटी सेंटर्स से आ सकता है. इसमें अमेरिकी कंपनियों की हिस्सेदारी सबसे अधिक रहने की संभावना है.
भारत में दो वर्षों में 200 से अधिक नए ग्लोबल कैपेबिलिटी सेंटर्स खुले हैं. रिपोर्ट के अनुसार आने वाले वर्षों में GCC ऑफिस स्पेस 350 मिलियन स्क्वायर फीट तक पहुंच सकता है.
भारत का रियल एस्टेट इन्वेस्टमेंट ट्रस्ट बाजार आने वाले वर्षों में तेज़ी से विस्तार कर सकता है. इसका मुख्य कारण यह है कि देश की लिस्टेड रियल एस्टेट वैल्यू में आरईआईटी की हिस्सेदारी अभी केवल 19% है. यह खुलासा...
अगले दो वर्षों में भारत की ऑफिस स्पेस की मांग में तेजी आने की संभावना है, क्योंकि घरेलू कंपनियों का बड़ा हिस्सा अपने कार्यालय विस्तार की योजना बना रहा है. CBRE के India Office Occupier Survey 2025 के मुताबिक,...