जलवायु परिवर्तन ने दुनिया के कई द्वीपीय देशों का अस्तित्व संकट में डाल दिया है. प्रशांत महासागर में स्थित तुवालु, एक सुंदर लेकिन छोटे द्वीपीय देश, तेजी से बढ़ते समुद्री जलस्तर की वजह से डूबने के कगार पर है. समुद्र के बढ़ते जलस्तर से तुवालु के दो द्वीप पहले ही समंदर में समा चुके हैं. ऐसे गंभीर हालात के कारण, देश की पूरी आबादी अब ऑस्ट्रेलिया में स्थायी रूप से बसने की तैयारी में है.
एसबीआई रिसर्च के अनुसार वित्त वर्ष 2025-26 की तीसरी तिमाही में भारत की जीडीपी वृद्धि दर 8–8.1 प्रतिशत रह सकती है. मजबूत घरेलू मांग और खपत के कारण अर्थव्यवस्था ने वैश्विक चुनौतियों के बावजूद गति बनाए रखी है.