एक नई रिपोर्ट के अनुसार भारत में लगभग 70% नौकरियां टियर-2 और टियर-3 शहरों में उपलब्ध हैं. मैन्युफैक्चरिंग, BFSI और रिटेल सेक्टर छोटे शहरों में रोजगार वृद्धि के प्रमुख इंजन बनकर उभरे हैं, जिससे गैर-मेट्रो क्षेत्रों में औपचारिक रोजगार तेजी से बढ़ रहा है.
टियर-2 शहरों में FMCD क्षेत्र की नौकरी में 22% की हिस्सेदारी और 30% तक बढ़ती भर्ती दर के साथ नए अवसर उभर रहे हैं. महिलाओं की कम भागीदारी और डेटा-संचालित नवाचार इस क्षेत्र की प्रमुख चुनौतियां और अवसर हैं.
भारत का लॉजिस्टिक्स और वेयरहाउसिंग क्षेत्र तेजी से विकसित हो रहा है, जिसका मुख्य कारण सरकार की सहायक नीतियां, इंफ्रास्ट्रक्चर में सुधार, तकनीकी उन्नति और बदलते उपभोक्ता व्यवहार हैं. जबकि, टियर-1 शहरों को मुख्य हब के रूप में देखा...