डॉक्टरों के अनुसार धूम्रपान तनाव कम नहीं करता बल्कि निकोटिन की लत के कारण केवल अस्थायी राहत का भ्रम पैदा करता है. लंबे समय तक धूम्रपान करने से कैंसर, हार्ट अटैक और स्ट्रोक जैसी गंभीर बीमारियों का खतरा बढ़ जाता है.
बढ़ती घरेलू मांग, बेहतर कीमतों और निर्यात में वृद्धि से भारत के मखाना बाजार को रफ्तार मिल रही है. सरकारी फैक्टशीट के मुताबिक 2029-30 तक बाजार 12 हजार करोड़ रुपये तक पहुंच सकता है.