Anthropic Privacy Policy: आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) का इस्तेमाल दुनिया भर में तेजी से बढ़ रहा है, लेकिन इसके साथ यूजर प्राइवेसी और डेटा सुरक्षा को लेकर सवाल भी लगातार गहराते जा रहे हैं. अब अमेरिकी AI कंपनी Anthropic ने अपनी नई प्राइवेसी पॉलिसी जारी की है, जिसने यूजर्स के बीच नई बहस छेड़ दी है. कंपनी की नई नीति के तहत कुछ परिस्थितियों में यूजर्स को अपनी पहचान और उम्र सत्यापित करने के लिए सरकारी दस्तावेज और बायोमेट्रिक जानकारी देनी पड़ सकती है. इस बदलाव के बाद सोशल मीडिया पर भी प्राइवेसी को लेकर कई तरह की चर्चाएं शुरू हो गई हैं.
किन यूजर्स पर लागू होगी नई पॉलिसी?
Anthropic की नई प्राइवेसी पॉलिसी फिलहाल Claude Free, Pro और Max प्लान इस्तेमाल करने वाले कंज्यूमर अकाउंट्स पर लागू होगी. कंपनी ने स्पष्ट किया है कि फिलहाल कमर्शियल यूजर्स को इस नीति के दायरे में शामिल नहीं किया गया है. यह नई पॉलिसी 8 जुलाई से प्रभावी होगी.
पहचान सत्यापित करने के लिए क्या देना पड़ सकता है?
नई पॉलिसी के अनुसार, कुछ विशेष परिस्थितियों में यूजर्स से उनकी पहचान और उम्र की पुष्टि करने के लिए दस्तावेज मांगे जा सकते हैं.
इसके लिए यूजर से निम्न जानकारी मांगी जा सकती है:
- सेल्फी या वीडियो
- पासपोर्ट
- ड्राइविंग लाइसेंस या अन्य सरकारी पहचान पत्र
- पहचान सत्यापन प्रक्रिया के तहत फेसियल जियोमेट्री टेम्पलेट (Facial Geometry Template)
कब पड़ेगी वेरिफिकेशन की जरूरत?
Anthropic के अनुसार, हर यूजर को यह प्रक्रिया पूरी नहीं करनी होगी.
कंपनी का कहना है कि पहचान सत्यापन की जरूरत मुख्य रूप से उन परिस्थितियों में पड़ सकती है जब:
- कोई यूजर अपने अकाउंट पर लगाई गई पाबंदियों को चुनौती देता है.
- प्लेटफॉर्म पर संदिग्ध गतिविधि की जांच करनी होती है.
- फ्रॉड से जुड़े मामलों की समीक्षा की जाती है.
- सुरक्षा संबंधी चिंताओं की जांच की जाती है.
- AI सेवाओं के संभावित दुरुपयोग को रोकना होता है.
Persona कंपनी करेगी पहचान सत्यापन
Anthropic ने बताया है कि पहचान सत्यापन की पूरी प्रक्रिया Persona नाम की आईडी वेरिफिकेशन कंपनी द्वारा संचालित की जाएगी. जब किसी यूजर को किसी विशेष फीचर का उपयोग करने के लिए अतिरिक्त सत्यापन की आवश्यकता होगी, तब उसे इस प्रक्रिया से गुजरना पड़ सकता है. कंपनी यह भी पहले से स्पष्ट कर चुकी है कि Claude AI का उपयोग करने के लिए यूजर की आयु कम से कम 18 वर्ष होनी चाहिए. इसी वर्ष कानूनी आवश्यकताओं के तहत कुछ क्षेत्रों में एज-वेरिफिकेशन सिस्टम भी लागू किया गया था.
प्राइवेसी को लेकर क्यों उठ रहे हैं सवाल?
नई प्राइवेसी पॉलिसी सामने आने के बाद यूजर प्राइवेसी और बायोमेट्रिक डेटा कलेक्शन को लेकर कई सवाल उठ रहे हैं. प्राइवेसी एक्सपर्ट्स का कहना है कि बड़े पैमाने पर पहचान संबंधी डेटा और बायोमेट्रिक जानकारी का संग्रह साइबर अपराधियों के लिए आकर्षक लक्ष्य बन सकता है. ऐसे डेटाबेस की सुरक्षा को लेकर लंबे समय से चिंताएं जताई जाती रही हैं. हालांकि. Anthropic ने अपने स्पष्टीकरण में कहा है कि यह नीति सभी यूजर्स के लिए अनिवार्य पहचान सत्यापन कार्यक्रम नहीं है.
कंपनी के अनुसार, यह प्रक्रिया केवल संदिग्ध गतिविधियों वाले अकाउंट्स की समीक्षा और प्लेटफॉर्म की सुरक्षा को मजबूत करने के उद्देश्य से लागू की जा रही है. नई नीति के लागू होने के बाद यह देखना दिलचस्प होगा कि यूजर्स इस बदलाव को किस तरह स्वीकार करते हैं और AI प्लेटफॉर्म पर प्राइवेसी तथा सुरक्षा के बीच संतुलन को लेकर आगे क्या रुख अपनाया जाता है.
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