6G से पहले ही Jio की बड़ी तैयारी, स्वदेशी सैटेलाइट टेक्नोलॉजी पर काम कर रही कंपनी, प्री-6G पेटेंट भी फाइल

Aarti Kushwaha
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Reporter The Printlines (Part of Bharat Express News Network)
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Jio 6G: रिलायंस Jio अब 5G नेटवर्क से अगली पीढ़ी की टेलीकॉम टेक्नोलॉजी यानी 6G की तैयारी में अभी से जुट गई है. इसी बीच गुरुवार को रिलायंस जियो इन्फोकॉम लिमिटेड के चेयरमैन आकाश अंबानी ने कहा कि कंपनी स्वदेशी सैटेलाइट टेक्नोलॉजी स्टैक विकसित करने पर काम कर रही है और प्री-6G टेक्नोलॉजी के क्षेत्र में पेटेंट भी फाइल कर चुकी है.
10वें इंडिया मोबाइल कांग्रेस 2026 के दौरान आकाश अंबानी ने जियो की भविष्य की टेक्नोलॉजी योजनाओं की जानकारी दी. उन्होंने कहा कि कंपनी का फोकस एआई आधारित वॉयस और डेटा सर्विस, सैटेलाइट कनेक्टिविटी और 6G जैसी नई तकनीकों पर है.

भारत की अपनी सैटेलाइट टेक्नोलॉजी तैयार कर रहा Jio

आकाश अंबानी ने कहा कि जियो सैटेलाइट टेक्नोलॉजी के क्षेत्र में भी तेजी से आगे बढ़ रहा है. यह एक ऐसी स्वदेशी सैटेलाइट टेक्नोलॉजी विकसित करने पर काम कर रही है, जिसे भारत से बाहर भी इस्तेमाल किया जा सके. इसका मतलब साफ है कि Jio आने वाले समय में केवल मोबाइल नेटवर्क और इंटरनेट सर्विस तक अपनी तकनीक को सीमित नहीं रखना चाहता. कंपनी सैटेलाइट कनेक्टिविटी जैसे तेजी से बढ़ते क्षेत्र में भी अपनी टेक्नोलॉजी विकसित करने की तैयारी कर रही है.

6G में भारत को आगे ले जाने की तैयारी

आकाश अंबानी के मुताबिक, भारत ने 6G टेक्नोलॉजी में वैश्विक नेतृत्व का लक्ष्य रखा है और Jio इस दिशा में रिसर्च, पेटेंट और अंतरराष्ट्रीय मानकों के विकास के जरिए योगदान देगा. वहीं, प्रधानमंत्री मोदी ने 6G के मामले में भारत को दुनिया का नेतृत्व करने की बात कही है और भारत से आने वाले 6G पेटेंट में 10 फीसदी हिस्सेदारी का लक्ष्य रखा गया है. अंबानी के मुताबिक, Jio इस लक्ष्य में बड़ा योगदान देने की तैयारी कर रहा है.

6G लॉन्च होने से पहले ही पेटेंट पर काम

Jio ने 6G के व्यावसायिक तौर पर इस्तेमाल में आने से पहले ही इससे जुड़ी टेक्नोलॉजी पर काम शुरू कर दिया है. कंपनी ने प्री-6G के दौर में ही पेटेंट के लिए आवेदन करना शुरू कर दिया है. अर्थात Jio का फोकस केवल मौजूदा नेटवर्क को बेहतर बनाने पर नहीं है, बल्कि अगली पीढ़ी के नेटवर्क के लिए जरूरी तकनीक और बौद्धिक संपदा तैयार करने पर भी है.

AI से बदल सकती है मोबाइल की वॉयस और डेटा सर्विस

आकाश अंबानी ने कहा कि जियो पारंपरिक टेलीकॉम सेवाओं को एआई की मदद से और बेहतर बनाने की संभावनाएं तलाश रहा है. कंपनी वॉयस और डेटा सेवाओं में एआई के इस्तेमाल पर काम कर रही है. उनके मुताबिक, एआई की मदद से वॉयस और डेटा सर्विस में नए तरह के इनोवेशन किए जा सकते हैं, जिसका फायदा भारत के करोड़ों मोबाइल यूजर्स को मिल सकता है.

इंडिया मोबाइल कांग्रेस में दिखा Jio का अगला विजन

बता दें कि 7 से 10 अक्टूबर तक नई दिल्ली में चल रहे 10वें इंडिया मोबाइल कांग्रेस में जियो अपनी डिजिटल टेक्नोलॉजी से जुड़े विजन को प्रदर्शित कर रहा है. इस आयोजन में 5G, 6G, एआई आधारित नेटवर्क और सैटेलाइट कम्युनिकेशन जैसी नई तकनीकों पर चर्चा हो रही है. ऐसे में आकाश अंबानी के मुताबिक, जियो यहां अपने पूरे डिजिटल सोसाइटी विजन को सामने रखने की कोशिश कर रहा है. कंपनी का जोर आने वाले वर्षों में कनेक्टिविटी, एआई और सैटेलाइट टेक्नोलॉजी को जोड़कर नई डिजिटल सेवाएं तैयार करने पर है.
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