बंगाल की फलता सीट पर री-पोलिंग जारी, EVM विवाद के बाद सुरक्षा दोगुनी

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पश्चिम बंगाल की फलता विधानसभा सीट पर गुरुवार सुबह से कड़ी सुरक्षा व्यवस्था के बीच पुनर्मतदान जारी है, सुबह 7 बजे शुरू हुई वोटिंग के शुरुआती दो घंटों में 20 प्रतिशत से ज्यादा मतदान दर्ज किया गया. चुनाव आयोग पूरे घटनाक्रम पर लगातार नजर बनाए हुए है. आपको बता दें कि पिछले महीने ईवीएम में बड़े पैमाने पर छेड़छाड़ के आरोपों के बाद यहां का मतदान रद्द कर दिया गया था. चुनाव आयोग के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया था कि प्रत्येक मतदान केंद्र पर अब केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बल (CAPF) के 8 जवान (एक पूरी सेक्शन) तैनात किए जाएंगे. 29 अप्रैल को हुए मूल मतदान के दौरान हर बूथ पर केवल 4 जवान (आधी सेक्शन) तैनात थे.

क्यों कराया जा रहा है दोबारा मतदान?

पश्चिम बंगाल के दक्षिण 24 परगना जिले की फलता विधानसभा सीट पर 29 अप्रैल को दूसरे चरण में मतदान हुआ था. मतदान के बाद कई बूथों से EVM में कथित छेड़छाड़, कैमरों की फुटेज से छेड़छाड़ और चुनावी गड़बड़ियों के आरोप सामने आए थे. आरोप था कि मशीनों पर इत्र जैसे पदार्थ और चिपकने वाली टेप लगाई गई थी. इन शिकायतों के बाद चुनाव आयोग ने मामले की जांच कराई, जिसमें कई बूथों पर अनियमितताओं के संकेत मिले. इसके बाद चुनाव आयोग ने पुनर्मतदान कराने का फैसला लिया.

सुरक्षा व्यवस्था पहले से दोगुनी

चुनाव आयोग ने री-पोलिंग को लेकर सुरक्षा व्यवस्था को पहले की तुलना में दोगुना कर दिया है. इस बार सुरक्षा के बेहद कड़े इंतजाम किए हैं. फलता विधानसभा के प्रत्येक मतदान केंद्रों पर केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बल (CAPF) के जवान तैनात किए गए हैं. हर बूथ पर 8 सुरक्षाकर्मी मौजूद हैं, जबकि पिछले मतदान में केवल 4 जवान तैनात थे. इसके अलावा किसी भी आपात स्थिति से निपटने के लिए 30 क्विक रिस्पॉन्स टीमें भी अलर्ट मोड पर रखी गई हैं. पूरे इलाके में लगातार गश्त की जा रही है ताकि मतदान शांतिपूर्ण तरीके से संपन्न कराया जा सके.

TMC उम्मीदवार जहांगीर खान ने अचानक छोड़ा मैदान

फलता सीट पर री-पोलिंग से ठीक पहले राजनीतिक माहौल उस वक्त गरमा गया जब तृणमूल कांग्रेस (TMC) के उम्मीदवार जहांगीर खान ने चुनाव न लड़ने की घोषणा कर दी. उन्होंने व्यक्तिगत कारणों का हवाला देते हुए चुनाव से हटने का फैसला लिया. हालांकि तृणमूल कांग्रेस ने इसे पार्टी का नहीं, बल्कि उनका निजी फैसला बताया है. इस सीट पर भारतीय जनता पार्टी (BJP) ने जहांगीर खान के खिलाफ देवांग्शु पांडा को चुनाव मैदान में उतारा है. इसके बावजूद उनका नाम EVM में बना हुआ है क्योंकि नाम वापसी की आधिकारिक प्रक्रिया पूरी नहीं हो सकी थी.

भाजपा ने लगाए थे गंभीर आरोप

भाजपा उम्मीदवार देबांग्शु पांडा ने पहले मतदान के दौरान बड़े पैमाने पर गड़बड़ियों का आरोप लगाया था. भाजपा का दावा था कि कई बूथों पर चुनाव चिन्ह के साथ छेड़छाड़ की गई और CCTV कैमरों की रिकॉर्डिंग प्रभावित करने की कोशिश हुई. भाजपा ने करीब 150 बूथों पर दोबारा मतदान की मांग की थी. वहीं चुनाव आयोग की जांच में कई बूथों पर संदिग्ध गतिविधियों के संकेत मिलने के बाद पुनर्मतदान का फैसला लिया गया.

नतीजे कब आएंगे ?
फलता विधानसभा सीट पर मतदान शाम 6 बजे तक जारी रहेगा. इसके बाद सभी EVM को कड़ी सुरक्षा के बीच स्ट्रॉन्ग रूम में रखा जाएगा. चुनाव आयोग के अनुसार मतगणना 24 मई को कराई जाएगी.

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