केरलम विधानसभा चुनाव 2026 के 4 मई को नतीजे सामने आने के 10 दिनों के बाद कांग्रेस के राष्ट्रीय नेतृत्व ने नए मुख्यमंत्री के रूप में वीडी सतीशन के नाम पर मुहर लगाकर जारी अटकलों पर विराम लगा दिया है. उन्होंने गुरुवार (14 मई, 2026) की शाम 7:30 बजे राज्यपाल राजेंद्र विश्वनाथ अर्लेकर से मुलाकात कर सरकार बनाने का दावा भी पेश किया है. कांग्रेस आलाकमान ने काफी विचार और फीडबैक के बाद सतीशन के नाम पर मुहर लगाई थी. कांग्रेस के नेतृत्व वाले यूडीएफ ने अब अपना ध्यान राजनीतिक खींचतान से हटाकर सत्ता हस्तांतरण पर केंद्रित कर लिया है। सूत्रों के मुताबिक केरलम के भावी मुख्यमंत्री वीडी सतीशन सोमवार (18 मई, 2026) को सुबह 10 बजे शपथ ले सकते हैं. सतीशन ने राज्यपाल से मुलाकात करने के बाद गठबंधन के विधायकों के साथ भी बैठक की है.

कौन हैं वीडी सतीशन?
केरलम की परवूर सीट से वीडी सतीशन 2001 से लगातार विधायक हैं. वह, 2021 में केरल में रमेश चेन्निथला की जगह नेता प्रतिपक्ष बने थे. 2021 से 2026 तक उन्होंने विधानसभा में विपक्ष की आवाज उठाकर मजबूत नेता विपक्ष के रूप में अपनी पहचान बनाई. उन्होंने भ्रष्टाचार के आरोपों पर लेफ्ट सरकार को घेरा. विधानसभा चुनाव में भी उन्होंने बढ़-चढ़कर कांग्रेस का प्रचार किया और पार्टी की जीत भी दिलाई.
कांग्रेस ने वी. डी. सतीशन पर क्यों जताया भरोसा?
बता दें कि वी. डी. सतीशन लंबे वक्त से केरल कांग्रेस की पॉलिटिक्स में एक्टिव और प्रभावशाली चेहरा माने जाते हैं. अभी तक वह केरल विधानसभा में विपक्ष की आवाज थे और नेता प्रतिपक्ष की भूमिका निभा रहे थे. संगठन में भी उनकी पकड़ मजबूत मानी जाती है. इसीलिए पार्टी लीडरशिप ने अब उन्हें केरल का सीएम बनाने का फैसला किया है.
मुख्यमंत्री के साथ कितने मंत्री करेंगे शपथ ग्रहण?
मिडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, यह सुनिश्चित करने के प्रयास जारी हैं कि सभी 20 मंत्री सतीशन के साथ शपथ लें, जिससे मंत्रिमंडल के चरणबद्ध विस्तार की संभावना समाप्त हो जाएगी और इसके बजाय पहले ही दिन पूर्ण पैमाने पर राजनीतिक शुभारंभ का विकल्प चुना जाएगा.
केरल में परंपरागत रूप से गठबंधन के सहयोगी दलों के नेता शपथ समारोह के दौरान मुख्यमंत्री के साथ शपथ लेते हैं, हालांकि मुख्यमंत्री पद के उम्मीदवार को अंतिम रूप देने में हुई देरी के बाद बची हुई अनिश्चितता की जरा सी भी आशंका से बचने के लिए कांग्रेस नेतृत्व उत्सुक नजर आ रहा है. यूडीएफ जो संदेश देना चाहता है वह स्पष्ट है. अशांति समाप्त हो गई है, सरकार तैयार है और गठबंधन एकजुट है.
वैसे तो केरलम की यह पुरानी परंपरा रही है कि गठबंधन के सहयोगी दलों के नेता शपथ ग्रहण समारोह के दौरान मुख्यमंत्री के साथ ही शपथ लेते हैं. हालांकि, राज्य के मुख्यमंत्री पद के उम्मीदवार के चयन में हुई देरी के बाद कांग्रेस नेतृत्व अब किसी भी आशंका से बचने की कोशिश कर रही है. इस बीच UDF गठबंधन यह साफ संदेश देना चाहता है कि सारी अटकलें अब खत्म हो गई है. सरकार बनाने के लिए गठबंधन पूरी तरह से एकजुट और तैयार है.
सतीशन के नाम के ऐलान से समर्थकों में जश्न का माहौल
बता दें कि वीडी सतीशन के नाम का सीएम के रूप में ऐलान होने के बाद उनके समर्थकों में गजब का उत्साह है. केरल में कई जगहों पर कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने जश्न शुरू कर दिया है. माना जा रहा है कि वीडी सतीशन को सीएम बनाए जाने का निर्णय केरल की सियासत में बड़ा बदलाव साबित हो सकता है.