Salt Lake Stadium Kolkata: शनिवार को कोलकाता में मौजूद लोकप्रिय साल्ट लेक स्टेडियम के बाहर बड़ा एक्शन हुआ है. वर्षों से जिस मूर्ति को लेकर विवाद चल रहा था, उसे आखिरकार भाजपा के राज में ध्वस्त कर दिया गया है. कई वर्षों तक धड़ से कटी हुई दो टांगों और उसके ऊपर एक फुटबॉल वाली विवादास्पद मूर्ति कोलकाता के प्रतिष्ठित सॉल्ट लेक स्टेडियम की पहचान बन गई थी. पूर्व मुख्यमंत्री ममता बनर्जी द्वारा स्वयं डिजाइन की गई इस मूर्ति ने लोगों को दो भागों में बांट दिया था, कई लोगों ने इसे भद्दा और यहां तक कि विकृत भी बताया था. शनिवार को बीजेपी सरकार ने मंत्री निशीथ प्रमाणिक द्वारा इसे हटाने का वादा करने के कुछ दिनों बाद ही इस मूर्ति को ध्वस्त कर दिया.
स्थानीय लोगों ने बताया कि शनिवार सुबह जब उन्होंने साल्ट लेक स्टेडियम के वीवीआईपी गेट के पास स्थित मूर्ति को ध्वस्त देखा तो वो हैरान हो गए. मालूम हो कि हाल ही में इसी स्टेडियम में फुटबॉल के दिग्गज लियोनेल मेस्सी ने दौरा किया था. ममता बनर्जी की सोच मानी जाने वाली यह मूर्ति 2017 में फीफा अंडर-17 विश्व कप से पहले स्थापित की गई थी. इस पर ‘बिस्वा बांग्ला’ का लोगो भी था, जो पिछली टीएमसी सरकार का प्रमुख प्रतीक था.
Controversial Statue designed by Mamata Banerjee removed from Salt Lake Stadium by BJP Govt. pic.twitter.com/1dzzab2TxL
— Arun Saha (@iamSahansh15) May 23, 2026
मालूम हो कि ये मूर्ति साल्ट लेक स्टेडियम में स्थापित किए जाने के बाद से ही बनावट के कारण विवादों में थी. इस मूर्ति में धड़ से कटे हुए दो पैर को दिखाए गए थे और उनके ठीक ऊपर एक फुटबॉल रखी हुई थी. कई फुटबॉल समर्थकों ने इसके विचित्र डिजाइन पर सवाल उठाए थे. फिर भी यह उस स्टेडियम की पहचान बन गई, जिसने ईस्ट बंगाल और मोहन बागान के बीच कई यादगार डर्बी मुकाबलों और अंतरराष्ट्रीय फुटबॉलरों की मेजबानी की है. बीजेपी नेता कीया घोष ने शनिवार को X के जरिए जानकारी देते हुए लिखा, ”क्या आपको साल्ट लेक स्टेडियम के सामने बनी यह घिनौनी चीज याद है? वादे के मुताबिक इसे हटा दिया गया है.”
सीएम सुवेंदु अधिकारी ने मूर्ति हटाने का किया था वादा
दरअसल, भाजपा के पहले बंगाल मुख्यमंत्री के रूप में शपथ लेने के एक दिन बाद ही सुवेंदु अधिकारी ने कहा था कि इस ढांचे को हटा दिया जाएगा. इस सप्ताह की शुरुआत में बंगाल के खेल मंत्री निशीथ प्रमाणिक ने भी इस बात को दोहराते हुए कहा कि यह “भद्दा” ढांचा इतने प्रतिष्ठित स्टेडियम की सुंदरता से मेल नहीं खाता.