US Iran War: ईरान द्वारा कतर में अल उदैद एयर बेस और अन्य खाड़ी देशों पर मिसाइल व ड्रोन हमलों के बाद कतर ने कड़ा रुख अपनाया है. कतर ने साफ कहा है कि वह फिलहाल ईरान के लिए किसी भी तरह की मध्यस्थता की भूमिका नहीं निभा सकता. कतर के विदेश मामलों के राज्य मंत्री Mohammed bin Abdulaziz al-Khulaifi ने कतर के मीडिया नेटवर्क Al Jazeera को दिए इंटरव्यू में यह बयान दिया.
खतरे की स्थिति में आ गए हैं कई खाड़ी देश
वहीं विश्लेषकों का कहना है कि पश्चिम एशिया में चल रहे संघर्ष के कारण अब कई खाड़ी देश भी सीधे खतरे की स्थिति में आ गए हैं. यदि यह स्थिति जारी रहती है तो क्षेत्र में कूटनीतिक प्रयास और शांति वार्ताएं और कठिन हो सकती हैं. अल-खुलैफी ने कहा कि कतर और Oman दोनों ने लंबे समय तक ईरान और पश्चिमी देशों के बीच संवाद बनाने की कोशिश की थी. लेकिन अब जब इन देशों पर भी हमले हो रहे हैं, तब मध्यस्थ की भूमिका निभाना संभव नहीं है.
क्षेत्रीय देश दुश्मन नहीं
उन्होंने कहा, “हम हमलों के बीच मध्यस्थता नहीं कर सकते. ईरान को यह समझना चाहिए कि क्षेत्रीय देश उसके दुश्मन नहीं हैं.” ईरान द्वारा कतर में अल उदैद एयर बेस और अन्य खाड़ी देशों पर मिसाइल व ड्रोन हमलों को विश्वासघात बताया. कतर ने अपनी जमीन और एयर बेस (अल उदैद) पर हमलों के बाद अपनी सुरक्षा बढ़ाने और अमेरिका के साथ रक्षा सहयोग को मजबूत करने की घोषणा की है.
नागरिकों से सावधान रहने का आग्रह
तनाव के बीच कतर ने नागरिकों से घर के अंदर रहने और सावधान रहने का आग्रह किया है. Doha में बुधवार सुबह संभावित ईरानी हमले की चेतावनी जारी की गई. समाचार एजेंसी एपी के एक पत्रकार के अनुसार राजधानी के ऊपर हवाई रक्षा प्रणालियों ने आने वाले हमलों को रोकने के लिए कार्रवाई की, जिसके दौरान धमाकों की आवाजें भी सुनी गईं.
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