LPG Crisis Impact: एलपीजी की कमी की खबरों के बीच इंडक्शन चूल्हों की मांग बढ़ी, अप्लायंसेज कंपनियों के शेयर चढ़े

Shivam
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Reporter The Printlines (Part of Bharat Express News Network)
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मध्य पूर्व में बढ़ते तनाव और एलपीजी आपूर्ति को लेकर सामने आ रही खबरों के बीच देश में इलेक्ट्रिक इंडक्शन चूल्हों की मांग तेजी से बढ़ने लगी है. ई-कॉमर्स प्लेटफॉर्म पर इंडक्शन स्टोव की बढ़ती मांग का असर शेयर बाजार पर भी दिखाई दे रहा है और होम अप्लायंसेज बनाने वाली कंपनियों के शेयरों में उछाल दर्ज किया गया है.

अप्लायंसेज कंपनियों के शेयरों में उछाल

बुधवार को शेयर बाजार में किचन अप्लायंसेज कंपनियों के शेयरों में अच्छी तेजी देखने को मिली.

  • बटरफ्लाई गांधीमथी अप्लायंसेज का शेयर इंट्राडे में दोपहर 12:45 बजे करीब 7.93 प्रतिशत की तेजी के साथ 651 रुपए पर पहुंच गया. कारोबार के दौरान इसने 660 रुपए का उच्चतम स्तर भी छुआ.
  • टीटीके प्रेस्टीज का शेयर करीब 9.40 प्रतिशत चढ़कर 530 रुपए पर कारोबार करता देखा गया. दिन के दौरान इसने 556 रुपए का उच्च स्तर दर्ज किया.
  • पिजन ब्रांड के उत्पाद बेचने वाली कंपनी स्टोव क्राफ्ट का शेयर लगभग 5.05 प्रतिशत बढ़कर 510 रुपए पर पहुंच गया और इसने 525 रुपए का इंट्राडे हाई बनाया.

इंडक्शन स्टोव को लेकर विशेषज्ञों की राय

इंडस्ट्री एक्सपर्ट्स का मानना है कि एलपीजी आपूर्ति में संभावित दबाव को देखते हुए शहरी परिवारों को इलेक्ट्रिक इंडक्शन स्टोव के इस्तेमाल के लिए प्रोत्साहित किया जाना चाहिए.

सीईईडब्ल्यू के फेलो अभिषेक कार ने कहा कि भारत अपनी एलपीजी का लगभग दो-तिहाई हिस्सा आयात करता है, जिसमें से 90 प्रतिशत से अधिक पश्चिम एशियाई देशों जैसे यूएई, कतर और सऊदी अरब से आता है.

कर ने सुझाव दिया. “घरेलू खाना पकाने के लिए एलपीजी आपूर्ति को प्राथमिकता देने हेतु आवश्यक वस्तु अधिनियम लागू करना पहला, लेकिन एक महत्वपूर्ण कदम है.”

‘गिव इट अप’ अभियान जैसा सुझाव

उन्होंने यह भी कहा कि सरकार को एलपीजी सब्सिडी के लिए चलाए गए ‘गिव इट अप’ अभियान की तरह ही एलपीजी उपयोग कम करने को लेकर एक नया अभियान शुरू करना चाहिए.

यह अभियान उन परिवारों को लक्ष्य बनाकर चलाया जा सकता है जिनके पास पहले से इलेक्ट्रिक इंडक्शन स्टोव है या जो इसे खरीदने की क्षमता रखते हैं. इससे घरेलू एलपीजी की मांग पर दबाव कम किया जा सकता है.

रेस्तरां उद्योग को भी सलाह

उधर नेशनल रेस्टोरेंट एसोसिएशन ऑफ इंडिया (NRAI) ने भी अपने सदस्यों को एलपीजी की खपत कम करने की सलाह दी है. एसोसिएशन ने रेस्तरां मालिकों से कहा है कि वे ऐसे मेनू पर ध्यान दें जिनमें कम गैस की जरूरत हो या खाना पकाने में कम समय लगे. साथ ही जहां संभव हो, खाना पकाने के लिए इलेक्ट्रिक उपकरणों के विकल्पों का उपयोग करने पर भी विचार किया जाए.

एनआरएआई ने अपने सदस्यों को जारी सलाह में कहा. “मौजूदा भू-राजनीतिक घटनाक्रमों के कारण व्यावसायिक एलपीजी की आपूर्ति श्रृंखला में गंभीर व्यवधान उत्पन्न हो गया है. यदि स्थिति और बिगड़ती है और उपलब्धता में काफी कमी आती है, तो रेस्तरां उद्योग को परिचालन संबंधी गंभीर चुनौतियों का सामना करना पड़ सकता है.”

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