US Iran War Poll : ईरान के खिलाफ अमेरिका की सैन्य कार्रवाई को लेकर अमेरिका में लोगों की राय बंटी हुई है. ऐसे में कई नए सर्वे बताते हैं कि ज्यादातर अमेरिकी इस कार्रवाई के समर्थन में नहीं हैं और साथ ही उनका मानना है कि अमेरिका पहले से ज्यादा असुरक्षित हो सकता है. जानकारी के मुताबिक, ईरान के साथ जंग शुरू होने के बाद किए गए कई सर्वे में यह सामने आया है कि अमेरिका में राजनीतिक दलों के आधार पर लोगों की राय अलग-अलग है.
बता दें कि एक नए सर्वे के अनुसार लगभग 53 फीसदी रजिस्टर्ड वोटर ईरान के खिलाफ अमेरिकी सैन्य कार्रवाई का विरोध करते हैं. वहीं 40 फीसदी लोग इसका समर्थन करते हैं, इसके साथ ही लगभग 10 प्रतिशत लोग इस मुद्दे पर स्पष्ट राय नहीं दे पाए. इसी तरह इप्सोस के सर्वे में भी समर्थन से ज्यादा लोग इन हमलों का विरोध करते दिखाई दिए. बताया जा रहा है कि कुछ अन्य सर्वे, जैसे वाशिंगटन पोस्ट और CNN के टेक्स्ट मैसेज सर्वे में भी यही रुझान दिखा कि अधिक अमेरिकी इन हमलों के पक्ष में नहीं हैं. बता दें कि इस मामले को लेकर कुछ लोगों की राय लगभग बराबर बंटी हुई दिखी, जिसमें आधे मतदाताओं ने कार्रवाई का समर्थन किया और आधे ने इसका विरोध किया.
सर्वे में नतीजा आया सामने
इसके साथ ही सर्वे में यह भी सामने आया कि बहुत से अमेरिकी मानते हैं कि सरकार ने हमले की वजह साफ तरीके से नहीं बताई. ऐसे में 55 प्रतिशत लोगों का मानना है कि उन्हें नहीं लगता कि ईरान ने अमेरिका के लिए तुरंत कोई सैन्य खतरा पैदा किया था. वहीं दूसरी ओर मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक, करीब 60 प्रतिशत मतदाताओं ने माना कि ईरान अमेरिका की राष्ट्रीय सुरक्षा के लिए एक वास्तविक खतरा है. इतना ही नही बल्कि जंग के कारण तेल और पेट्रोल की कीमतें बढ़ने का डर भी लोगों को परेशान कर रहा है. लगभग एक चौथाई लोगों ने कहा कि उन्हें इसकी ज्यादा चिंता नहीं है.
अमेरिकी सैनिकों की जान का खतरा
प्राप्त जानकारी के अनुसार कुछ ही समय पहले 6 अमेरिकी सैनिकों की मौत की खबर आने के बाद यह चिंता और बढ़ गई है. इसके साथ ही अमेरिकी सरकार ने भी माना है कि इस संघर्ष में अमेरिकी सैनिकों की जान का खतरा हो सकता है. इस मामले को लेकर अमेरिकी रक्षा मंत्री पीट हेगसेथ ने कहा कि यह उम्मीद करना सही नहीं होगा कि सरकार पहले से बताए कि वह इस जंग में कितनी दूर तक जाएगी. ऐसे में ज्यादातर नए सर्वे इस ओर इशारा दे रहा है कि अगर ईरान के साथ जंग लंबी चली और आर्थिक असर बढ़ा तो यह मुद्दा अमेरिकी राजनीति और राष्ट्रपति ट्रंप के लिए बड़ा राजनीतिक सवाल बन सकता है.
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