US Iran conflict: ईरान द्वारा जॉर्डन में किए गए हमले में दो अमेरिकी सैनिकों की मौत के बाद बौखलाए अमेरिका ने रविवार को ईरान के खिलाफ नए हवाई हमले किए हैं. ये हमले लगातार 8वीं रात हुए हैं. अमेरिकी सेना की सेंट्रल कमांड CENTCOM ने बताया कि राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के आदेश पर ये हमले किए गए.
सेंटकॉम ने एक्स पर कहा कि अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प के आदेश पर किए गए ये हमले होर्मुज जलडमरूमध्य में वाणिज्यिक जहाजों को धमकाने की ईरान की क्षमता को और कम करने के लिए डिजाइन किए गए थे.
शुक्रवार को जॉर्डन में ईरानी बैलिस्टिक मिसाइल और ड्रोन हमलों का मुकाबला करते समय दो अमेरिकी सैनिकों की मौत हो गई थी. एक सैनिक अभी भी लापता है. CENTCOM के अनुसार, चार घायल सैनिकों को जॉर्डन के अस्पताल ले जाया गया था, जिन्हें बाद में छुट्टी दे दी गई. मामूली चोट वाले अन्य सैनिक ड्यूटी पर लौट आए हैं.
वहीं ईरानी सरकारी टीवी ने दावा किया कि जॉर्डन में अल-अजराक अमेरिकी बेस पर ईंधन टैंकों को निशाना बनाया गया.
अमेरिका के मुताबिक, 28 फरवरी को युद्ध शुरू होने के बाद अब तक 16 अमेरिकी सैनिक मारे जा चुके हैं. इस महीने की शुरुआत में अमेरिका ने ईरान पर होर्मुज़ जलडमरूमध्य में जहाजों को निशाना बनाने का आरोप लगाया था. इसके बाद से दोनों देशों के बीच हमले तेज हो गए हैं.
ये हमले 17 जून को हुए 14 सूत्रीय युद्धविराम समझौते के एक महीने बाद हुए हैं. अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और ईरानी राष्ट्रपति मसूद पेजेशकियन ने इस समझौते पर हस्ताक्षर किए थे, लेकिन 8 जुलाई को ट्रेप ने इसे खत्म घोषित कर दिया था. ईरान ने भी अमेरिका पर वादे तोड़ने का आरोप लगाकर MOU निलंबित कर दिया.
ईरान ने दी चेतावनी
ईरान के नए सर्वोच्च नेता मुजतबा खामेनेई ने X पर पोस्ट कर अमेरिका को चेताया. उन्होंने कहा कि अमेरिकी राष्ट्रपति के हस्ताक्षर बेकार हैं. अमेरिका को कभी न भूलने वाला सबक मिलेगा.
वहीं ईरान के वरिष्ठ कमांडर मेजर जनरल मोहसेन रेजाई ने कहा कि अगर अमेरिकी हमले जारी रहे तो ईरान पूर्ण-स्तरीय आक्रामक अभियान फिर से शुरू करेगा. उन्होंने कहा कि अब ईरान सिर्फ जवाबी कार्रवाई तक सीमित नहीं रहेगा. इसका कड़ाई से जवाब देगा.

