China Fighter Jet: हाल ही में चीन के शेनयांग J-16 मल्टीरोल फाइटर जेट बड़ी संख्या में एयर-टू-एयर मिसाइलों से लैस दिखाई दिया, जिसे बीस्ट मोड कहा जा रहा है. फाइटर जेट की सामने आई इन तस्वीरों ने दुनिया भर के रक्षा विशेषज्ञों और सैन्य एक्सपर्ट्स का ध्यान अपनी ओर खींच लिया है. हर कोई यह समझने की कोशिश कर रहा है कि चीन की पीपुल्स लिबरेशन आर्मी एयर फोर्स लंबी दूरी तक हवाई बढ़त बनाने और लगातार कॉम्बैट एयर पेट्रोलिंग करने की कितनी क्षमता हासिल कर चुकी है.
चीन की सरकारी विमानन निगरानी संस्था द्वारा यह तस्वीर तेजी से दुनिया भर में वायरल हो गई. तस्वीर में J-16 लड़ाकू विमान पर 8 PL-15 लंबी दूरी की विजुअल रेंज से बाहर की मिसाइलें और दो PL-10 छोटी दूरी की डॉगफाइट मिसाइलें लगी हुई दिखाई दे रही हैं. ऐसे में सवाल यह है कि क्या यह केवल डराने के लिए किया गया प्रचार है, या फिर चीन वास्तव में इतनी बड़ी सैन्य क्षमता हासिल कर चुका है?
इसी बीच चीन की सैन्य विमानन गतिविधियों पर नजर रखने वाले डीनों के नाम से एक्सपर्ट एंड्रियास रूपप्रेख्ट का आकलन है कि चीन की एयरफोर्स के पास अब करीब 500 चेंगदू J-20 5वीं पीढ़ी के स्टील्थ लड़ाकू विमान मौजूद हैं. वहीं, इससे पहले कई रिपोर्ट्स में कहा गया था कि चीन साल 2030 तक लगभग 800 J-20 और 2035 तक करीब 1,500 J-20 तैयार करने का लक्ष्य लेकर चल रहा है. खात बात यह है कि इसी समय भारत की 5वीं पीढ़ी का स्वदेशी लड़ाकू विमान AMCA भी एयरफोर्स में शामिल होना शुरू होगा.
क्या है शेनयांग J-16?
शेनयांग J-16, को हिडन ड्रैगन भी कहा जाता है. यह किसी भी मौसम में उड़ान भरने की क्षमता से लैस 4.5 पीढ़ी के ट्विन इंजन और दो सीटों वाला मल्टीरोल स्ट्राइक फाइटर है. इसे शेनयांग J-11 के आधार पर विकसित किया गया है. J-11 खुद रूस के मशहूर सुखोई Su-27 लड़ाकू विमान का लाइसेंस प्राप्त चीनी संस्करण है.
साल 1990 के दशक में चीन ने रूस से Su-27 और Su-30MKK जैसे एयर सुपीरियरिटी फाइटर खरीदे थे. बाद में इन्हीं विमानों का लाइसेंस लेकर चीन ने अपने यहां J-11A बनाना शुरू किया. J-16 उसी परिवार का और अत्याधुनिक अपग्रेडेड रूप है, इसे खास कर स्ट्राइक मिशनों पर भेजने के लिए तैयार किया गया है.
J-16 में आधुनिक AESA यानी एक्टिव इलेक्ट्रॉनिकली स्कैन्ड ऐरे रडार लगाया गया है, जो एक साथ कई लक्ष्यों पर नजर रख सकता है और उन्हें ट्रैक कर सकता है. इस विमान में चीन के स्वदेशी WS-10B इंजन लगे हैं. आफ्टरबर्नर के साथ ये इंजन करीब 135 किलोन्यूटनतक का थ्रस्ट पैदा करते हैं. विमान का वजन कम रखने के लिए इसमें बड़ी मात्रा में कंपोजिट मैटेरियल का इस्तेमाल किया गया है.
J-16 पर ऐसी खास पेंट लगाई गई है जिससे इसकी रडार पर दिखाई देने की संभावना कम हो जाती है. साथ ही इसमें इलेक्ट्रॉनिक सपोर्ट सिस्टम भी लगाए गए हैं, जिससे यह दुश्मन के एयर डिफेंस सिस्टम को दबाने के मिशन को बेहतर तरीके से अंजाम दे सकता है. J-16 में लंबी दूरी की आधुनिक मिसाइलें, नए सेंसर और अत्याधुनिक एवियोनिक्स लगाए गए हैं. यह इस बात का संकेत है कि चीन अब लड़ाकू विमान तकनीक के लिए रूस पर पहले जितना निर्भर नहीं रहा. इसके अलावा J-20 स्टील्थ फाइटर में इस्तेमाल की गई कुछ तकनीकों को भी J-16 में शामिल किया गया है.

