Electric Car Battery Tips: EV यूज़र्स सावधान! इन गलतियों से जल्दी खराब हो सकती है बैटरी, लाखों का नुकसान संभव

Shivam
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Reporter The Printlines (Part of Bharat Express News Network)
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Electric Car Battery Tips: भारत में Electric Cars की मांग लगातार तेजी से बढ़ रही है. इसे देखते हुए ऑटो कंपनियां भी नए-नए मॉडल पेश कर रही हैं और बाजार में लगातार नई EV लॉन्च हो रही हैं. हालांकि, नई तकनीक होने के कारण कई यूज़र्स इसके सही इस्तेमाल को लेकर पूरी तरह जागरूक नहीं होते. ऐसे में अनजाने में की गई लापरवाही इलेक्ट्रिक कार की बैटरी को नुकसान पहुंचा सकती है. इस खबर में हम आपको बता रहे हैं कि किन कारणों से EV की बैटरी जल्दी खराब हो सकती है और किन बातों का ध्यान रखना जरूरी है.

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नई तकनीक, लेकिन समझ अभी भी कम

इंजन वाली पारंपरिक कारों के मुकाबले बैटरी से चलने वाली इलेक्ट्रिक कारों की मांग पिछले कुछ वर्षों में तेजी से बढ़ी है. पेट्रोल और डीजल की बढ़ती कीमतों के कारण लोग अब इलेक्ट्रिक विकल्प की ओर तेजी से बढ़ रहे हैं. हालांकि, यह तकनीक अभी भी नई है और ज्यादातर लोगों को इसके सही इस्तेमाल की पूरी जानकारी नहीं होती.

कई बार यूज़र्स EV को सामान्य कार की तरह इस्तेमाल करते हैं, जिससे बैटरी पर अनावश्यक दबाव पड़ता है. अगर शुरुआत से ही सही आदतें अपनाई जाएं, तो बैटरी की उम्र को काफी हद तक बढ़ाया जा सकता है और गाड़ी की परफॉर्मेंस लंबे समय तक बनी रहती है.

हर बार 100% चार्ज करना क्यों है गलत

इलेक्ट्रिक कार खरीदने के बाद अधिकतर लोग यह सोचते हैं कि गाड़ी को हर बार पूरी तरह यानी 100% तक चार्ज करना चाहिए, ताकि ज्यादा दूरी तय की जा सके. लेकिन विशेषज्ञों का मानना है कि यह आदत बैटरी के लिए नुकसानदायक हो सकती है. लगातार फुल चार्ज करने से बैटरी पर दबाव बढ़ता है और उसकी क्षमता धीरे-धीरे कम होने लगती है. इसलिए आम उपयोग के लिए बैटरी को 70% से 80% के बीच चार्ज रखना ज्यादा बेहतर माना जाता है. इससे बैटरी की लाइफ लंबी रहती है और उसकी परफॉर्मेंस भी स्थिर बनी रहती है.

फास्ट चार्जिंग की आदत से बचना जरूरी

आज के समय में फास्ट चार्जिंग एक आसान विकल्प बन गया है, जिससे कम समय में गाड़ी चार्ज हो जाती है. लेकिन इसका लगातार उपयोग बैटरी के लिए नुकसानदायक साबित हो सकता है. फास्ट चार्जिंग के दौरान बैटरी में अधिक गर्मी पैदा होती है, जो उसकी आंतरिक संरचना को प्रभावित करती है.

अगर बार-बार ऐसा किया जाए, तो बैटरी की क्षमता तेजी से घटने लगती है. नॉर्मल चार्जिंग बैटरी के लिए ज्यादा सुरक्षित मानी जाती है. इसलिए रोजमर्रा के उपयोग में उसी का इस्तेमाल करना बेहतर होता है.

तेज स्पीड और ड्राइविंग स्टाइल का असर

इलेक्ट्रिक कार को तेज गति से चलाने का सीधा असर उसकी बैटरी पर पड़ता है. जितनी ज्यादा स्पीड होगी, उतनी तेजी से बैटरी डिस्चार्ज होगी. इससे गाड़ी की रेंज कम हो जाती है और यूज़र को बार-बार चार्ज करना पड़ता है. लगातार ऐसा होने पर बैटरी की हेल्थ पर असर पड़ता है और कुछ समय बाद उसकी क्षमता कम हो जाती है. संतुलित और स्मूद ड्राइविंग न केवल बैटरी को सुरक्षित रखती है, बल्कि गाड़ी की परफॉर्मेंस भी बेहतर बनाए रखती है.

मौसम और तापमान का भी पड़ता है असर

बहुत ज्यादा गर्मी या ठंड भी इलेक्ट्रिक कार की बैटरी को प्रभावित करती है. गर्म मौसम में बैटरी जल्दी गर्म हो सकती है, जबकि ठंड में उसकी क्षमता अस्थायी रूप से कम हो जाती है.

अगर गाड़ी लंबे समय तक धूप में खड़ी रहती है, तो बैटरी की सेहत पर असर पड़ सकता है. इसलिए कोशिश करें कि गाड़ी को छायादार या नियंत्रित तापमान वाली जगह पर पार्क किया जाए.

बैटरी खराब हुई तो खर्च होगा भारी

इलेक्ट्रिक कार की बैटरी उसकी सबसे महंगी यूनिट होती है. अगर बैटरी या मोटर में खराबी आ जाती है, तो उसे बदलवाने या ठीक करवाने में लाखों रुपये खर्च करने पड़ सकते हैं. कई मामलों में बैटरी बदलने की लागत गाड़ी की कुल कीमत का बड़ा हिस्सा होती है. इसलिए सही उपयोग और समय पर देखभाल बेहद जरूरी हो जाती है.

इन आसान तरीकों से बढ़ा सकते हैं बैटरी लाइफ

  • बैटरी को 80% तक ही चार्ज रखें
  • फास्ट चार्जिंग का सीमित उपयोग करें
  • तेज रफ्तार से बचें
  • गाड़ी को ज्यादा गर्म या ठंडी जगह पर न रखें
  • समय-समय पर सर्विस और चेकअप करवाएं

इन छोटी-छोटी बातों का ध्यान रखकर बैटरी की उम्र को काफी हद तक बढ़ाया जा सकता है.

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