Flight Rules: विमान में यात्रा करते समय यात्रियों को कई नियमों का पालन करना पड़ता है. कुछ चीजों को फ्लाइट में ले जाने की अनुमति होती है, जबकि कुछ पर सुरक्षा कारणों से पाबंदी लगाई जाती है. आमतौर पर लोगों को नशीले पदार्थ, चाकू, लाइटर और सिगरेट जैसी चीजों पर प्रतिबंध की जानकारी होती है, लेकिन क्या आप जानते हैं कि रसोई और पूजा-पाठ में इस्तेमाल होने वाला सूखा नारियल भी कुछ परिस्थितियों में विमान में ले जाने से रोका जा सकता है? सुनने में यह बात अजीब लग सकती है, लेकिन इसके पीछे सुरक्षा से जुड़ी वजहें बताई जाती हैं. आइए जानते हैं कि सूखे नारियल को लेकर क्या नियम हैं और इसके पीछे क्या कारण बताए जाते हैं.
श्रीफल यानी सूखा नारियल फ्लाइट में ले जाने पर पाबंदी क्यों?
श्रीफल यानी नारियल का इस्तेमाल पूजा-पाठ से लेकर कई तरह के पकवान बनाने तक में किया जाता है. हालांकि, विमान में सूखा नारियल ले जाने को लेकर कुछ एयरलाइंस प्रतिबंध लगा सकती हैं. सूखे नारियल को कोपरा भी कहा जाता है. इसकी प्रकृति और सुरक्षा जांच से जुड़ी वजहों के कारण इसे लेकर विशेष सावधानी बरती जाती है.
आग लगने का खतरा
सूखे नारियल यानी कोपरे में तेल की मात्रा अधिक होती है. इसी वजह से इसे ज्वलनशील पदार्थ माना जा सकता है. ऐसी आशंका जताई जाती है कि अधिक गर्मी या चिंगारी के संपर्क में आने पर इससे आग लगने का जोखिम पैदा हो सकता है. इसी तरह की सुरक्षा चिंताओं के चलते कुछ एयरलाइंस सूखे नारियल को विमान में ले जाने की अनुमति नहीं देती हैं.
सुरक्षा जांच के दौरान संदेह की आशंका
सूखे नारियल को लेकर एक चिंता एयरपोर्ट पर होने वाली सुरक्षा जांच से भी जुड़ी है. एक्स-रे स्कैनिंग के दौरान नारियल के कठोर खोल के भीतर मौजूद सामग्री को स्पष्ट रूप से पहचानना मुश्किल हो सकता है. ऐसे में जांच के दौरान संदेह पैदा होने की आशंका रहती है. हालांकि, नारियल को लेकर नियम एयरलाइन और यात्रा के मार्ग के अनुसार अलग-अलग हो सकते हैं. कुछ एयरलाइंस नारियल को ले जाने की अनुमति दे सकती हैं, लेकिन इसके लिए उसे छोटे-छोटे टुकड़ों में काटकर उचित तरीके से पैक करना जरूरी हो सकता है. यात्रा से पहले संबंधित एयरलाइन के नियमों की जानकारी लेना बेहतर रहता है.
ज्यादा ऊंचाई पर फट भी सकता है सूखा नारियल?
सूखे नारियल को लेकर यह भी कहा जाता है कि ज्यादा ऊंचाई पर ले जाने पर वह फट भी सकता है. इसके पीछे वायुमंडलीय दबाव में बदलाव को वजह बताया जाता है. ऊंचाई बढ़ने के साथ वायुमंडलीय दबाव कम होता है. हालांकि, नारियल के फटने की आशंका उसके अंदर मौजूद हवा, नमी और उसकी स्थिति जैसी परिस्थितियों पर भी निर्भर कर सकती है. इसलिए इसे लेकर किसी निश्चित नतीजे पर पहुंचने के बजाय एयरलाइन के सुरक्षा नियमों का पालन करना जरूरी है.
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