ट्रेन में हनीमून से लेकर पूजा तक सब कुछ है मुमकिन! बस जान लीजिए रेलवे का ये नियम

Shivam
Reporter The Printlines (Part of Bharat Express News Network)

IRCTC FTR Booking: सोशल मीडिया पर अक्सर चलती ट्रेन के अंदर पूजा-पाठ, जन्मदिन की पार्टी या नवविवाहित जोड़े के हनीमून से जुड़े वीडियो वायरल होते रहते हैं. ऐसे वीडियो देखकर कई लोगों के मन में सवाल उठता है कि क्या ट्रेन के अंदर इस तरह के आयोजन करना नियमों के खिलाफ नहीं है? क्या भारतीय रेलवे इसकी अनुमति देता है? दरअसल, बहुत कम लोगों को पता है कि भारतीय रेलवे के पास ऐसी सुविधाओं के लिए एक आधिकारिक व्यवस्था मौजूद है. रेलवे की फुल टैरिफ रेट (FTR) स्कीम और सैलून कार के जरिए यात्री तय नियमों का पालन करते हुए निजी आयोजन कर सकते हैं. आइए जानते हैं कि यह सुविधा क्या है, कैसे काम करती है और इसे बुक करने का तरीका क्या है.

सैलून कार क्या होती है?

भारतीय रेलवे की सैलून कार एक विशेष लग्जरी कोच होती है, जिसे निजी यात्रा के लिए बुक किया जा सकता है. यह किसी चलती ट्रेन में मौजूद एक प्राइवेट लग्जरी सुइट की तरह होती है. इस कोच में आमतौर पर दो एयर कंडीशंड बेडरूम, अटैच बाथरूम, डाइनिंग एरिया, आरामदायक लाउंज और छोटा किचन जैसी सुविधाएं उपलब्ध होती हैं. यात्रियों की सुविधा के लिए रेलवे की ओर से अटेंडेंट और अन्य आवश्यक सेवाएं भी उपलब्ध कराई जाती हैं. यदि कोई परिवार शादी, हनीमून या किसी विशेष अवसर के लिए इसे बुक करता है, तो रेलवे के नियमों का पालन करते हुए सीमित सजावट भी कर सकता है.

पूरी बोगी या पूरी ट्रेन भी कर सकते हैं बुक

अगर किसी धार्मिक यात्रा, शादी, कॉर्पोरेट टूर या बड़े पारिवारिक कार्यक्रम के लिए अधिक लोगों को साथ यात्रा करनी हो, तो भारतीय रेलवे फुल टैरिफ रेट (FTR) स्कीम के तहत पूरी बोगी या पूरी ट्रेन बुक करने की सुविधा भी देता है. हाल ही में वायरल हुए रुद्राभिषेक वाले वीडियो में भी इसी व्यवस्था के तहत एक परिवार ने सैलून कार बुक की थी, जिसमें यात्रा के दौरान पूजा-पाठ किया गया था.

कितनी आती है बुकिंग की लागत?

रेलवे के अनुसार, सैलून कार की लागत यात्रा के रूट और दूरी पर निर्भर करती है. सामान्य तौर पर 3 रात और 4 दिन की यात्रा के लिए इसका खर्च लगभग 1.7 लाख रुपये से 2 लाख रुपये के बीच हो सकता है. इस कोच में लगभग 6 से 8 लोग आराम से यात्रा कर सकते हैं. यदि कोई सामान्य एसी या स्लीपर कोच बुक करना चाहता है, तो यात्रा किराए के अलावा प्रति कोच 50 हजार रुपये का सिक्योरिटी डिपॉजिट जमा करना होता है. वहीं पूरी विशेष ट्रेन बुक करने के लिए शुरुआती रजिस्ट्रेशन शुल्क 9 लाख रुपये से शुरू होता है. रेलवे के नियमों के अनुसार FTR ट्रेन में न्यूनतम 18 कोच और अधिकतम 24 कोच हो सकते हैं.

FTR बुकिंग कैसे करें?

रेलवे की इस सुविधा का लाभ लेने के लिए यात्री IRCTC के FTR पोर्टल पर जाकर ऑनलाइन आवेदन कर सकते हैं. इसके लिए पहले नया यूजर रजिस्ट्रेशन करना होता है. इसके बाद यात्रा की तारीख, रूट और आवश्यक कोच का चयन कर एडवांस सिक्योरिटी डिपॉजिट जमा करना होता है. आवेदन के बाद रेलवे की ओर से ऑपरेशनल मंजूरी मिलने पर बुकिंग की प्रक्रिया पूरी होती है. जो लोग ऑनलाइन आवेदन नहीं करना चाहते, वे अपने नजदीकी बड़े रेलवे स्टेशन के चीफ रिजर्वेशन ऑफिसर या IRCTC कार्यालय में जाकर ऑफलाइन आवेदन भी कर सकते हैं.

बुकिंग से पहले इन नियमों को जानना जरूरी

रेलवे के नियमों के अनुसार FTR बुकिंग यात्रा की तारीख से अधिकतम छह महीने पहले और कम से कम 30 दिन पहले करानी होती है. अंतिम समय में बुकिंग की सुविधा उपलब्ध नहीं होती, क्योंकि रेलवे को रूट, कोच की उपलब्धता और संचालन संबंधी तैयारियां पूरी करनी होती हैं. अगर किसी कारण से यात्रा रद्द होती है, तो रेलवे के निर्धारित नियमों के अनुसार कैंसिलेशन चार्ज काटकर शेष राशि वापस की जाती है.

वायरल वीडियो के पीछे यही है वजह

सोशल मीडिया पर ट्रेन में पूजा, जन्मदिन, पारिवारिक समारोह या हनीमून से जुड़े जो वीडियो वायरल होते हैं, वे जरूरी नहीं कि रेलवे के नियमों का उल्लंघन कर रहे हों. यदि संबंधित व्यक्ति ने भारतीय रेलवे की FTR स्कीम या सैलून कार को नियमों के तहत बुक किया है, तो तय शर्तों का पालन करते हुए इस तरह के निजी आयोजन किए जा सकते हैं. यही वजह है कि कई बार जो दृश्य सामान्य यात्रियों को असामान्य लगते हैं, वे वास्तव में रेलवे की अधिकृत बुकिंग व्यवस्था का हिस्सा होते हैं.

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