Congo Ebola Outbreak: डीआर कांगो में इबोला का कहर, 1,873 संक्रमित, 672 लोगों की मौत

Shivam
Reporter The Printlines (Part of Bharat Express News Network)

Congo Ebola Outbreak: अफ्रीकी देश डेमोक्रेटिक रिपब्लिक ऑफ कांगो (DRC) में इबोला वायरस का प्रकोप लगातार गंभीर होता जा रहा है. संक्रमण तेजी से नए इलाकों में फैल रहा है, जिससे स्वास्थ्य व्यवस्था पर दबाव बढ़ता जा रहा है. ताजा सरकारी रिपोर्ट के मुताबिक, देश के पांच प्रांतों में अब तक 1,873 लोग इबोला वायरस से संक्रमित हो चुके हैं, जबकि 672 मरीजों की मौत हो चुकी है. बढ़ते मामलों के बीच स्वास्थ्य अधिकारियों ने निगरानी और नियंत्रण अभियान तेज कर दिया है.

पांच प्रांतों में तेजी से फैल रहा संक्रमण

स्वास्थ्य अधिकारियों की ओर से जारी ताजा रिपोर्ट में बताया गया है कि इटुरी, नॉर्थ किवू, साउथ किवू, हाउत-उएले और शोपो (त्शोपो) प्रांत इस समय इबोला संक्रमण से सबसे ज्यादा प्रभावित हैं. रिपोर्ट में पहली बार हाउत-उएले और शोपो प्रांतों को भी राष्ट्रीय स्थिति रिपोर्ट में शामिल किया गया है. जांच में सामने आया है कि इन दोनों प्रांतों में मिले संक्रमण के मामले इटुरी प्रांत में मौजूद प्रकोप के केंद्र से लोगों की आवाजाही और आपसी संपर्क के कारण जुड़े हुए हैं.

अस्पतालों पर बढ़ा दबाव

रिपोर्ट के अनुसार, फिलहाल 763 मरीज आइसोलेशन सेंटरों या अस्पतालों में उपचाराधीन हैं. उपचार केंद्रों में उपलब्ध बेड क्षमता का 95.1 प्रतिशत हिस्सा भर चुका है, जिससे स्वास्थ्य व्यवस्था पर दबाव लगातार बढ़ रहा है. अब तक 306 मरीज स्वस्थ होकर घर लौट चुके हैं, जबकि 299 संदिग्ध मामले भी दर्ज किए गए हैं. इनमें 91 लोगों की मौत हो चुकी है.

मई में हुई थी प्रकोप की आधिकारिक घोषणा

बुंडिबुग्यो इबोला वायरस से फैले इस प्रकोप की आधिकारिक घोषणा 15 मई को की गई थी. इसके बाद से स्वास्थ्य विभाग लगातार संक्रमितों की पहचान, इलाज और संक्रमण रोकने के लिए विशेष अभियान चला रहा है.

अमेरिकी सहायता कर्मी भी संक्रमित

इस बीच अफ्रीका सेंटर्स फॉर डिजीज कंट्रोल एंड प्रिवेंशन (Africa CDC) ने बताया है कि इबोला नियंत्रण अभियान में सहयोग कर रहे एक अमेरिकी मानवीय सहायता कर्मी के संक्रमित पाए जाने से स्वास्थ्यकर्मियों की सुरक्षा को लेकर चिंता और बढ़ गई है. संस्था के अनुसार, मामले की महामारी विज्ञान संबंधी जांच, संक्रमित व्यक्ति के संपर्क में आए लोगों की पहचान (कॉन्टैक्ट ट्रेसिंग) और संक्रमण के जोखिम का आकलन शुरू कर दिया गया है. हालांकि, यह अभी स्पष्ट नहीं हो पाया है कि संबंधित सहायता कर्मी वायरस की चपेट में कैसे आया.

स्वास्थ्यकर्मियों पर भी बढ़ रहा खतरा

अफ्रीका CDC के ताजा आंकड़ों के मुताबिक, अब तक 112 स्वास्थ्यकर्मी इबोला वायरस से संक्रमित हो चुके हैं, जबकि 35 स्वास्थ्यकर्मियों की मौत हो चुकी है. संस्था ने कहा कि डॉक्टर, नर्स, स्वयंसेवक और मानवीय सहायता कर्मी बेहद चुनौतीपूर्ण परिस्थितियों में लगातार काम कर रहे हैं. उनका मुख्य उद्देश्य संक्रमितों की जल्द पहचान, समय पर उपचार और प्रभावित समुदायों में संक्रमण की श्रृंखला को रोकना है.

स्वास्थ्य एजेंसियां अलर्ट पर

लगातार बढ़ते मामलों को देखते हुए स्वास्थ्य एजेंसियों ने प्रभावित इलाकों में निगरानी, कॉन्टैक्ट ट्रेसिंग, आइसोलेशन और उपचार सुविधाओं को और मजबूत करने पर जोर दिया है. अधिकारियों का कहना है कि संक्रमण को नियंत्रित करने के लिए स्थानीय समुदायों का सहयोग और समय पर पहचान सबसे अहम भूमिका निभाएगी.

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