9/11 Al Qaeda Attack: 11 सितंबर 2001 को आतंकवादियों ने अमेरिका के वर्ल्ड ट्रेड सेंटर और पेंटागन पर प्लेन को टकरा दिया, जिसे देखकर पूरी दुनिया सहम गई थी. इस हमले का आरोप अल-कायदा पर लगे, जिसके बाद अमेरिका ने अफगानिस्तान में युद्ध छेड़ दिया. इसके बाद अल-कायदा चीफ ओसामा-बिन-लादेन के मारे जाने तक इस हमले के एक-एक आरोपी को अमेरिका ढूंढता रहा. अब इसी मामले के मास्टरमाइंड और तीन अन्य आतंकवादियों की ट्रायल डेट तय हो गई है.
अमेरिकी एयरफोर्स के एक जज ने आदेश दिया कि 11 सितंबर को अमेरिका पर हुए हमलों के मुख्य साजिशकर्ता खालिद शेख मोहम्मद और उनके तीन साथियों का मुकदमा जून 2028 में मिलिट्री ट्रिब्यूनल के सामने चलाया जाए. एयरफोर्स के लेफ्टिनेंट कर्नल माइकल श्रमा का यह आदेश मिलिट्री प्रॉसिक्यूशन में एक अहम पड़ाव है. क्यूबा के ग्वांतानामो बे में बंद इन चार लोगों से जुड़े कानूनी गतिरोध के कारण यह मामला दो दशकों से अटका हुआ था.
दरअसल, पिछले महीने, U.S. की एक अपील कोर्ट ने मोहम्मद और उनके दो साथियों को ऐसे समझौतों के तहत अपना अपराध स्वीकार करने की अनुमति देने से इन्कार कर दिया था, जिनसे उन्हें मौत की सजा से बचाया जा सकता था.
कब तक होगी सजा
श्रामा के 11 पन्नों के आदेश के तहत, मोहम्मद और उनके तीन सह-आरोपियों — वलीद मुहम्मद सालेह मुबारक बिन ‘अताश, मुस्तफ़ा अहमद एडम अल-हौसावी और अली अब्दुल अज़ीज़ अली — पर 5 जून, 2028 से मुक़दमा चलेगा. वहीं, कार्यवाही की शुरुआत पूरी तरह से सेना के सदस्यों वाले एक पैनल के चयन से होगी, जो मिलिट्री जस्टिस के नियमों के मुताबिक, मामले की सुनवाई के लिए जूरी के तौर पर काम करेंगे. पैनल के बैठने के 30 कैलेंडर दिनों के बाद शुरुआती बयान शुरू होंगे, इसके बाद अभियोजन पक्ष अपने सबूत पेश करेगा, जिसके बाद बचाव पक्ष ‘बेगुनाह’ होने के फैसले के लिए याचिकाएं दायर कर सकता है.
कौन है खालिद शेख मोहम्मद
बता दें कि शेख मोहम्मद ग्वांतानामो डिटेंशन सेंटर में सबसे चर्चित कैदी बना हुआ है, जिसे साल 2002 में तत्कालीन अमेरिकी राष्ट्रपति जॉर्ज डब्ल्यू. बुश ने 11 सितंबर, 2001 के हमलों के बाद विदेशी संदिग्ध उग्रवादियों को रखने के लिए बनाया था. वहीं, मार्च 2003 में पाकिस्तान में पकड़े जाने से पहले, खालिद शेख मोहम्मद को अल-कायदा नेता ओसामा बिन लादेन के सबसे करीबी सहयोगियों में से एक माना जाता था. इसके अलावा 2006 में क्यूबा के ग्वांतानामो बे स्थित अमेरिकी सैन्य अड्डे पर लाए जाने से पहले, उसे तीन साल तक CIA के गुप्त ठिकानों पर कैद रखा गया था.

