Abu Dhabi missile debris incident: संयुक्त अरब अमीरात की राजधानी Abu Dhabi में गुरुवार को बड़ा हादसा हुआ, जब एक बैलिस्टिक मिसाइल को इंटरसेप्ट किए जाने के बाद उसका मलबा रिहायशी इलाके में गिर गया. इस घटना में दो लोगों की मौत हो गई, जबकि तीन अन्य घायल हो गए. अबू धाबी मीडिया कार्यालय ने अपने आधिकारिक सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म के जरिए इस घटना की पुष्टि की और बताया कि यह हादसा स्वेइहान स्ट्रीट इलाके में हुआ, जहां मलबा गिरने से कई वाहनों को भी नुकसान पहुंचा.
एयर डिफेंस सिस्टम ने रोकी मिसाइल
अधिकारियों के अनुसार, यूएई के एयर डिफेंस सिस्टम ने एक बैलिस्टिक मिसाइल को सफलतापूर्वक इंटरसेप्ट कर लिया था. हालांकि, मिसाइल के टुकड़े जमीन पर गिरने से यह जानलेवा हादसा हुआ. प्रशासन ने स्पष्ट किया कि एयर डिफेंस सिस्टम लगातार सक्रिय है और देश को मिसाइल तथा ड्रोन हमलों से सुरक्षित रखने के लिए काम कर रहा है.
लोगों को चेतावनी, अफवाहों से बचने की अपील
सरकार ने नागरिकों से अपील की है कि वे केवल आधिकारिक स्रोतों पर ही भरोसा करें और किसी भी तरह की अफवाहों से दूर रहें. लोगों को सतर्क रहने और प्रशासन द्वारा जारी दिशा-निर्देशों का पालन करने को कहा गया है.
मिसाइल की उत्पत्ति पर सस्पेंस
घटना के बाद सबसे बड़ा सवाल यह बना हुआ है कि यह मिसाइल कहां से लॉन्च की गई थी. अब तक अधिकारियों ने इस बारे में कोई स्पष्ट जानकारी नहीं दी है. साथ ही, मृतकों और घायलों की राष्ट्रीयता को लेकर भी कोई आधिकारिक बयान जारी नहीं किया गया है.
रक्षा मंत्रालय ने दी सफाई
इससे पहले UAE Ministry of Defence ने बयान जारी कर बताया था कि देश का एयर डिफेंस सिस्टम लगातार सक्रिय है और ईरान से आने वाले मिसाइल और ड्रोन हमलों को रोक रहा है.
मंत्रालय के अनुसार, देश के अलग-अलग हिस्सों में सुनाई देने वाली तेज आवाजें दरअसल मिसाइल इंटरसेप्शन और फाइटर जेट्स द्वारा ड्रोन को नष्ट करने की प्रक्रिया का हिस्सा हैं.
ईरान-अमेरिका-इजरायल तनाव का असर
मध्य पूर्व में बढ़ते तनाव का असर अब खाड़ी देशों पर साफ दिख रहा है. Iran और अमेरिका-इजरायल के बीच चल रहे संघर्ष के बाद इस क्षेत्र में हमलों की घटनाएं तेजी से बढ़ी हैं. रिपोर्ट्स के अनुसार, हाल के दिनों में यूएई में ईरानी हमलों में करीब 10 लोगों की मौत हो चुकी है. इससे पहले शनिवार (21 मार्च) को आठ लोगों की मौत की पुष्टि हुई थी, जिनमें दो सैन्य कर्मियों के साथ पाकिस्तान, नेपाल, बांग्लादेश और फिलिस्तीन के नागरिक शामिल थे.
खाड़ी देशों पर बढ़ते हमले
28 फरवरी से शुरू हुई अमेरिका-इजरायल की संयुक्त सैन्य कार्रवाई के बाद ईरान ने कुवैत, सऊदी अरब, कतर, ओमान और खासकर यूएई को निशाना बनाना शुरू कर दिया. तेहरान का कहना है कि इन देशों में अमेरिकी सैन्य ठिकाने मौजूद हैं, इसलिए ये हमले किए जा रहे हैं. वहीं, खाड़ी देशों ने आरोप लगाया है कि हमले रिहायशी इलाकों पर भी हो रहे हैं, जिससे आम नागरिकों की जान खतरे में पड़ रही है.
आगे क्या हो सकता है
विशेषज्ञों का मानना है कि यदि मध्य पूर्व में यह तनाव और बढ़ता है, तो आने वाले दिनों में हमलों की संख्या और बढ़ सकती है. इससे न केवल खाड़ी क्षेत्र की सुरक्षा बल्कि वैश्विक स्थिरता पर भी गंभीर असर पड़ सकता है. स्थिति फिलहाल बेहद संवेदनशील बनी हुई है और सभी देशों की नजर इस संकट पर टिकी हुई है.
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