Ajit Doval: इन दिनों रूस पहुंचे हैं, जहां उन्होंने रूस के शीर्ष अधिकारियों के साथ उच्च स्तरीय बैठक की है. बैठक के दौरान डोभाल ने पाकिस्तान का नाम लिए बगैर उसपर जमकर निशाना साधा. उन्होंने कहा कि जिम्मेदार देशों को इस बारे में स्पष्ट विकल्प चुनना होगा कि वे आतंकवाद के प्रायोजकों का समर्थन करते हैं या निर्णायक कार्रवाई के साथ उनका मुकाबला करते हैं. साथ ही उन्होंने यह भी कहा कि आतंकवाद के खिलाफ लड़ाई में “दोहरा मापदंड” नहीं हो सकता.
डोभाल ने की UNSC में सुधारों की मांग
मॉस्को में पहले अंतर्राष्ट्रीय सुरक्षा मंच और सुरक्षा मामलों के लिए उच्च प्रतिनिधियों की 14वीं बैठक को संबोधित करते हुए एनएसए अजित डोभाल ने वैश्विक संस्थानों में सुधारों की भी मांग की, जिससे ‘ग्लोबल साउथ’ (विकासशील देशों) को ज्यादा मजबूत आवाज मिल सके. उन्होंने एक बहुध्रुवीय दुनिया में उभरते खतरों से निपटने के लिए, 1945 के बाद बने वैश्विक सुरक्षा ढांचों में तत्काल सुधारों की आवश्यकता पर प्रकाश डाला.
अजित डोभाल ने कहा कि सुधारों से वैश्विक दक्षिण के देशों के लिए अधिक प्रतिनिधित्व सुनिश्चित होना चाहिए और वैश्विक निर्णय लेने की प्रक्रियाओं में उनके विचारों को शामिल किया जाना चाहिए. साथ ही उन्होंने ये भी कहा कि जिम्मेदार देशों को इस बारे में स्पष्ट विकल्प चुनने होंगे कि वे आतंकवाद के प्रायोजकों का समर्थन करते हैं या निर्णायक कार्रवाई के साथ उनका मुकाबला करते हैं.
ईरान युद्ध और होर्मुज संकट का भी किया जिक्र
अजित डोभाल ने इस बैठक में ईरान युद्ध और होर्मुज जलडमरूमध्य के रास्ते ऊर्जा परिवहन को पैदा हुए खतरों का भी जिक्र किया. इतना ही नहीं, उन्होंने पश्चिम एशिया की स्थिति पर प्रकाश डालते हुए कहा कि होर्मुज जलडमरूमध्य और लाल सागर सहित प्रमुख अंतरराष्ट्रीय जलमार्गों के माध्यम से व्यापार की सुरक्षित और निर्बाध आवाजाही सुनिश्चित करना आवश्यक है.