Ali Khamenei: इजरायल और अमेरिका के हमले में मारे गए ईरान के पूर्व सुप्रीम लीडर अयातुल्ला अली खामेनेई के जनाजे की तैयारी जोर-शोर से जारी है. जिसमें भारत समेत दुनिया के कई देशों से कई राजनेताओं के शामिल होने के आसार है, लेकिन ईरान के सुप्रीम लीडर मोजतबा खामेनेई अपने पिता अयातुल्ला अली खामेनेई के जनाजे में शामिल नहीं होंगे.
मीडिया रिपोर्ट के अनुसार, भारत में ईरान के सुप्रीम लीडर मोजतबा खामेनेई के प्रतिनिधि ने कहा कि वे सुरक्षा कारणों से अपने पिता और ईरान के पूर्व लीडर अली खामेनेई के अंतिम संस्कार में शामिल नहीं होंगे. वहीं, अयातुल्ला हकीम इलाही ने कहा कि इजराइल से मिल रही धमकियों और निगरानी के जोखिमों के कारण मोजतबा का सार्वजनिक रूप से शामिल होना खतरनाक हो सकता है.
9 जुलाई को मशहद में दफनाए जाएंगे अली खामेनेई
बता दें कि 36 साल तक ईरान पर शासन करने वाले अली खामेनेई की 28 फरवरी को अमेरिकी हमले में मौत हो गई, जिससे मध्य पूर्व में भीषण जंग छिड़ गया था. वहीं, पूर्व सुप्रीम लीडर का अंतिम संस्कार 4 जुलाई को तेहरान में शुरू होगा और 9 जुलाई को उनके गृहनगर, उत्तर-पूर्वी पवित्र शहर मशहद में उन्हें दफनाने के साथ संपन्न होगा.
शोक मनाने सड़कों पर उतर सकते हैं 6 लाख लोग
खामेनेई के अंतिम संस्कार की रस्मों में 7 जुलाई को तेहरान के दक्षिण में स्थित पवित्र शहर कोम में होने वाले कार्यक्रम और अन्य धार्मिक अनुष्ठान शामिल होंगे. ऐसे में ईरानी अधिकारियों को उम्मीद है कि इन छह दिनों के दौरान लाखों लोग शोक मनाने के लिए सड़कों पर उतरेंगे, जिससे यह अंतिम संस्कार दुनिया भर में बारीकी से नज़र रखी जाने वाली घटनाओं में से एक बन जाएगा.
जगह-जगह लगाए गए हैं खामेनेई के पोस्टर
इस बीच पूरे ईरान में दिवंगत खामेनेई की तस्वीरें वाले कई पोस्टर और बड़े-बड़े होर्डिंग लगाए गए हैं. मार्च से ही अंतिम संस्कार के समय को लेकर अटकलें लगाई जा रही थीं. आमतौर पर इस्लामिक कानून के मुताबिक, किसी मृतक को जल्द से जल्द – आदर्श रूप से 24 घंटे के भीतर – दफनाया जाना चाहिए, लेकिन युद्ध की स्थिति के कारण यह मामला अलग था.