US Israel Iran War: ईरान के दिवंगत सर्वोच्च नेता अली खामेनेई की पत्नी मंसूरे खोजस्ते अभी जिंदा हैं. ईरान की सरकारी मीडिया ने उन पिछली रिपोर्टों को खारिज कर दिया जिनमें दावा किया गया था कि 28 फरवरी को अमेरिका और इज़राइल द्वारा किए गए हमले में उनकी मृत्यु हो गई थी. खोजस्ते (78) और खामेनेई की 1964 में शादी हुई थी. बताया जाता है कि युद्ध के पहले दिन जब खामेनेई के परिसर पर हमला हुआ था, तब वह वहीं मौजूद थीं.
खुफिया पर आधारित था यह ऑपरेशन
अमेरिका और इज़राइल के अधिकारियों के हवाले से आई रिपोर्टों में कहा गया है कि यह ऑपरेशन बड़े पैमाने पर खुफिया जानकारी जुटाने पर आधारित था, जिसमें सेंट्रल इंटेलिजेंस एजेंसी और इज़राइली खुफिया नेटवर्क शामिल थे. अमेरिकी खुफिया एजेंसियों ने महीनों तक खामेनेई की गतिविधियों पर नज़र रखी थी, और एक विस्तृत “पैटर्न-ऑफ़-लाइफ़” प्रोफ़ाइल तैयार की थी ताकि यह समझा जा सके कि वह कहां रहते थे और संकट के समय कैसे जगह बदलते थे.
ऑपरेशन के तौर पर किया गया था प्लान
यह सफलता तब मिली जब खुफिया सूत्रों को पता चला कि मध्य तेहरान में एक लीडरशिप कंपाउंड में वरिष्ठ ईरानी अधिकारियों की एक बैठक होने वाली है, जिसमें खामेनेई के शामिल होने की उम्मीद थी. शुरुआत में इसे एक रात के ऑपरेशन के तौर पर प्लान किया गया था, लेकिन जब अधिकारियों ने इस बात की पुष्टि कर दी कि ईरानी नेता ज़मीन के ऊपर मौजूद होंगे तो हमले का समय बदलकर सुबह का कर दिया गया.
ठिकानों पर लगभग एक साथ हमला
कथित तौर पर इज़राइली लड़ाकू विमान इज़राइल के समय के अनुसार सुबह करीब 6 बजे उड़ान भरे और लंबी दूरी के हथियार लेकर तेहरान की ओर बढ़े. इसके बाद मिसाइलों ने कंपाउंड के कई ठिकानों पर लगभग एक साथ हमला किया, जिससे लीडरशिप ग्रुप पूरी तरह से अचंभित रह गया.
ज़्यादातर सार्वजनिक सुर्खियों से दूर ही रही
बाघेरज़ादेह, हसन खोजास्ते बाघेरज़ादेह की बहन हैं, जो इस्लामिक रिपब्लिक ऑफ़ ईरान ब्रॉडकास्टिंग (IRIB) के पूर्व उप-निदेशक हैं. अपने पति के दशकों लंबे राजनीतिक करियर के दौरान वह ज़्यादातर सार्वजनिक सुर्खियों से दूर ही रही हैं. दुनिया भर के कई राजनेताओं की पत्नियों के विपरीत वह शायद ही कभी आधिकारिक कार्यक्रमों या मीडिया कवरेज में नज़र आती हैं.
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