‘न करें पाकिस्तानी नेताओं की मेहमाननवाजी’, मानवाधिकार उल्लंघन पर बलूच की नॉर्वे को सलाह

Aarti Kushwaha
Reporter The Printlines (Part of Bharat Express News Network)

 Balochistan violence: पाकिस्‍तान के पूर्व कार्यवाहक प्रधानमंत्री और बलूचिस्‍तान के नेता दोनों की 15-17 फरवरी के बीच नार्वे की यात्रा प्रस्‍तावित है. इसी बीच बलूच मानवाधिकार कार्यकर्ता मीर यार बलूच ने नॉर्वे सरकार को पाकिस्तान के पूर्व कार्यवाहक प्रधानमंत्री अनवर उल हक काकर और बलूचिस्तान के “कठपुतली” मुख्यमंत्री सरफराज बुगती की मेहमाननवाजी न करने की सलाह दी. उन्होंने दोनों पर मानवाधिकार उल्लंघन का आरोप लगाया.

इस दौरान मानवाधिकार कार्यकर्ता ने आरोप लगाया कि बलूचिस्तान पर “ब्रीफिंग” के बहाने नॉर्वे जाने वाले पाकिस्तानी नेता इंटर-सर्विसेज इंटेलिजेंस (आईएसआई) से जुड़े हैं. उन्होंने अल-कायदा और आईएसआईएस जैसे आतंकी समूहों के साथ मिलकर काम किया है, और वे बलूच लोगों के नरसंहार के लिए जिम्मेदार हैं.

बलूच नागरिकों को करते हैं अगवा

शुक्रवार को अपने बयान में मीर ने कहा कि “अनवर और सरफराज दोनों सीधे पाकिस्तान की आईएसआई के साथ मिलकर बलूच नागरिकों को अगवा करते हैं, उन्हें प्रताड़ित करते हैं, हत्या करते हैं और सामूहिक कब्रों में दफना देते हैं. वे पाकिस्तान के अवैध कब्जे को बनाए रखते हैं, बलूच संसाधनों को लूटते हैं और साथ ही अल-कायदा, आईएसआईएस और अन्य आतंकवादी समूहों की फंडिंग करते हैं जो वैश्विक सुरक्षा के लिए खतरा हैं.”

आतंकवाद को बढ़ावा मिलने का खतरा

मानवाधिकार कार्यकर्ता का कहना है कि अनवर और सरफराज दोनों ईरान के इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स के साथ मिलकर काम करते हैं, और “विपक्षी नेताओं, आलोचकों और समाज के खास लोगों की हत्याओं” में शामिल हैं. साथ ही उन्‍होंने ये भी कहा कि “उनकी ओस्लो यात्रा से आईएसआई और सेना समर्थित आईआरजीसी-आईएसआईएस-अल-कायदा आतंकवाद को बढ़ावा मिलने का खतरा है.”

करें वैश्विक सुरक्षा की रक्षा

मानवाधिकार कार्यकर्ता ने नॉर्वे सरकार से सभी बैठकें रद्द करने और पाकिस्तानी नेताओं के साथ बातचीत न करने का आग्रह किया. मीर ने उन्हें “गद्दार और कट्टर आतंकवादी” बताया. कार्रवाई न करने से नार्वे और वैश्वित सुरक्षा को खतरे में पडने की चेतावनी देते हुए मीर ने कहा कि “पाकिस्तान सैन्य बुनियादी ढांचे के साथ आतंकवादियों को पनाह देता है; गुमराह न हों. इन अपराधियों को अस्वीकार कर वैश्विक सुरक्षा की रक्षा करें.”

नसीम ने दोनों देशों पर लगाया ये आरोप

वहीं, इससे पहले गुरुवार को, बलूच नेशनल मूवमेंट (बीएनएम) के चेयरमैन नसीम बलूच ने अनवर और सरफराज की नॉर्वे यात्रा पर चिंता व्यक्त करते हुए कहा कि उनके खिलाफ मानवाधिकारों के उल्लंघन के आरोपों को देखते हुए इसे सामान्य कूटनीति के रूप में नहीं माना जाना चाहिए.

मानवता के खिलाफ अपराध और नरसंहार

नसीम ने कहा कि “ये दोनों व्यक्ति बलूचिस्तान में गंभीर मानवाधिकार उल्लंघन के लिए बड़े पैमाने पर जिम्मेदार हैं. ये लोगों को जबरन गायब करने, न्यायेत्तर हत्याओं, सामूहिक सजा देने और ऐसी नीतियों में शामिल हैं जिन्हें कई बलूच मानवाधिकार रक्षक और अंतर्राष्ट्रीय पर्यवेक्षक मानवता के खिलाफ अपराध और नरसंहार बताते हैं.”

उन्होंने आगे कहा कि “खास चिंता की बात यह है कि उनके संबंध शफीक मेंगल से हैं, जो प्रो-स्टेट मिलिशिया नेता है और जिसने पाकिस्तानी सेना के संरक्षण में बेखौफ सशस्त्र डेथ स्क्वाड चलाए हैं.” उन्‍होंने जोर देकर कहा कि नॉर्वे, जो मानवाधिकारों, अंतर्राष्ट्रीय कानून और शांति स्थापना के प्रति अपनी प्रतिबद्धता के लिए विश्व स्तर पर सम्मानित है, उसे अपनी जमीन का इस्तेमाल “अत्याचारों को छिपाने या युद्ध अपराधियों को सामान्य बनाने” के लिए नहीं करने देना चाहिए.

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