शेख हसीना के सुरक्षा की गारंटी, भारत के लिए खतरे की घंटी; जानिए क्या कहते हैं एक्सपर्ट

Shubham Tiwari
Sub Editor The Printlines (Part of Bharat Express News Network)

Bangladesh Crisis: बांग्लादेश में आरक्षण को लेकर जारी प्रदर्शन विकराल गृह युद्ध का रूप ले लिया है. 15 साल से बांग्लादेश की सत्ता पर काबिज प्रधानमंत्री शेख हसीना ने अपने पद से इस्तीफा दे दिया है. देश में अब सेना का राज हो गया है. बांग्लादेश के मौजूदा हालात और शेख हसीना का सत्ता से जाना भारत के लिए चिंता की बात है. अंतरराष्ट्रीय कूटनीति विशेषज्ञों की मानें तो बांग्लादेश के अंदर अस्थिरता भारत के लिए किसी भी तरह से अच्छी नहीं है.

शेख हसीना को भारत में रखना सही या गलत?

अंतरराष्ट्रीय कूटनीति एक्सपर्ट के मुताबिक, जिस तरह से अमेरिका ने पाकिस्तान में इमरान खान की सरकार हटाकर शहबाज शरीफ की सरकार बनवाई थी, हो सकता है ठीक वैसे ही चीन ने बांग्लादेश में प्रदर्शनकारियों को फंडिंग कर शेख हसीना को सत्ता से हटने के लिए मजबूर किया हो. अब देखना होगा कि भविष्य में भारत बांग्लादेश से किस तरह से संबंध कायम रखता है. क्योंकि, दलाई लामा जब तिब्बत से भागकर भारत आए थे, उस वक्त से ही चीन और भारत एक दूसरे के दुश्मन बन गए. तब से वह भारत में ही रहे रहे हैं. इसी बात से चीन चिढ़ता है. वहीं, आज शेख हसीना भारत में हैं. इस लिहाज से देखा जाए तो शेख हसीना का भारत में रहना कहीं ना कहीं भारत के लिए सही नहीं है.

भारत से छिड़ सकता है जंग

अंतरराष्ट्रीय कूटनीति सलाहकार के मुताबिक, यदि शेख हसीना भी भारत में ही रुक जाती हैं या भारत उन्हें शरण देता है और चीन की तरह बांग्लादेश भी करता है तो हैरानी नहीं होगी. चीन और पाकिस्तान के इशारे पर वो बांग्लादेश भारत जंग छेड़ सकता है. क्योंकि,शेख हसीना का रुख हमेशा से भारत के पक्ष में रहा है. उनके प्रधानमंत्री रहते भारत और बांग्लादेश की दोस्ती मजबूत ही होती रही. यह बात बांग्लादेश की कुछ राजनीतिक पार्टियों को अच्छा नहीं लगता है. साथ ही ये शेख हसीना की भारत से दोस्ती चीन और पाकिस्तान को भी खटकती है. इन देशों द्वारा आरोप लगाया जाता है कि शेख हसीना भारत के इशारे पर चलती हैं.

भारत ने शेख हसीना को हमेशा पड़ोस में एक करीबी दोस्त माना है, जहां उसकी सेना बॉर्डर पर पाकिस्तान और चीन दोनों का सामना करती है. वहीं, शेख हसीना के कार्यकाल में भारत की उत्तरपूर्वी सीमा अपेक्षाकृत शांत थी. बांग्लादेश में अस्थिरता भारत के लिए इस वजह से भी चिंता पैदा करती है क्योंकि दोनों के बीच 4 हजार 96 किमी लंबी सीमा है. इसीलिए पड़ोसी मुल्क में पैदा हुई अशांति के बादबॉर्डर पर सुरक्षाबलों को हाई अलर्ट पर रखा गया है. भारत सरकार शेख हसीना के इस्तीफे के बाद उत्पन्न स्थिति पर कड़ी नजर रख रही हैं.

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