Dhaka: बांग्लादेश ने भारत के साथ संबंधों को नए सिरे से स्थापित करने की इच्छा जताई है. तारिक रहमान के सलाहकार हुमायूं कबीर ने कहा कि दोनों देशों को पारस्परिक लाभ के लिए मिलकर काम करना चाहिए. हुमायूं कबीर का यह बयान अपदस्थ प्रधानमंत्री शेख हसीना और उनकी पार्टी अवामी लीग के सत्ता से हटने के बाद आया है.
शपथ ग्रहण समारोह में PM मोदी आमंत्रित
बता दें कि 17 फरवरी को होने वाले तारिक रहमान के शपथ ग्रहण समारोह में प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी को आमंत्रित किया गया है. उन्होंने कहा कि हालिया संसदीय चुनावों में बांग्लादेश नेशनलिस्ट पार्टी (बीएनपी) को मिले प्रचंड जनादेश के बाद बदली हुई राजनीतिक वास्तविकता को स्वीकार करना अब भारत की जिम्मेदारी है.
भारत की सोच में आना चाहिए बदलाव
कबीर ने कहा कि शेख हसीना और अवामी लीग आज के बांग्लादेश में मौजूद नहीं हैं. जनता ने स्पष्ट फैसला बीएनपी के पक्ष में दिया है. बदलाव भारत की सोच में आना चाहिए. उन्होंने अगस्त 2024 के जनविद्रोह के बाद भारत चली गईं हसीना को आतंकवादी करार देते हुए उन पर 1,500 से अधिक लोगों की मौत का आरोप लगाया और भारत से आग्रह किया कि वह बांग्लादेश की स्थिरता के खिलाफ अपनी जमीन का इस्तेमाल न होने दे.
शुरू हो सकता है सहयोग
उन्होंने कहा कि भारत ऐसा कोई कदम न उठाए, जिससे बांग्लादेश की संप्रभुता कमजोर हो. एक बार यह मुद्दा सुलझ जाए तो सामान्य राजनयिक सहयोग फिर से शुरू हो सकता है. भारत ने 26 नवंबर 2025 को कहा था कि वह हसीना के प्रत्यर्पण को लेकर बांग्लादेश की अंतरिम सरकार के अनुरोध पर विचार कर रहा है.
भारत शांति के लिए प्रतिबद्ध
विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने कहा था कि भारत शांति, लोकतंत्र और स्थिरता के लिए प्रतिबद्ध है. कबीर ने नरेन्द्र मोदी और तारिक रहमान के बीच हुई फोन बातचीत का भी उल्लेख किया, जिसमें मोदी ने रहमान को भारत आने का निमंत्रण दिया था. हालांकि उन्होंने स्पष्ट किया कि फिलहाल घरेलू प्राथमिकताएं पहले हैं.
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