‘बांग्लादेश में चुनाव जीतना है तो हिंदुओं का कत्ल करो’, यूनुस राज में चल रही खतरनाक चुनावी स्कीम!

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Dhaka: बांग्लादेश में हिन्दुओं पर हो रहे लगातार हमलों के बीच एक और खबर ने तहलका मचा दिया है. इस बार चुनाव जीतने के लिए हिन्दुओं के खिलाफ जहर उगला जा रहा है. फरवरी में होने वाले आम चुनावों से पहले अल्पसंख्यक हिंदू समुदाय के खिलाफ हिंसा भड़काने की एक सुनियोजित साजिश रची गई है. खुफिया सूत्रों के अनुसार चुनाव लड़ रहे कई नेता हिंदू विरोधी बयानबाजी को चुनावी मुद्दा बनाकर वोटों का ध्रुवीकरण करने की योजना पर काम कर रहे हैं.

अल्पसंख्यक समुदायों की स्थिति बेहद चिंताजनक

देश में अल्पसंख्यक समुदायों की स्थिति बेहद चिंताजनक है और चुनाव नजदीक आते ही हिंसा के और बढ़ने की आशंका है. इंटेलिजेंस ब्यूरो के एक वरिष्ठ अधिकारी के मुताबिक पिछले सप्ताह कुछ नेताओं की एक बैठक हुई, जिसमें हिंदुओं के खिलाफ हिंसा भड़काने की रणनीति तैयार की गई. इस साजिश को अंजाम देने के लिए कट्टरपंथी तत्वों को भी शामिल किया गया है.

भारत ने शेख हसीना को दे रखी है शरण

बांग्लादेश पर नजर रखने वाले विशेषज्ञों का कहना है कि इस बार चुनाव विकास, सुरक्षा या आर्थिक मुद्दों पर नहीं लड़ा जाएगा. इसके बजाय पूरा चुनावी विमर्श हिंदू विरोधी और भारत विरोधी नैरेटिव के इर्द-गिर्द घूम सकता है. सूत्रों के मुताबिक कुछ नेता कट्टरपंथी तत्वों को भड़काते हुए यह दावा कर रहे हैं कि भारत ने शेख हसीना को शरण दे रखी है. साथ ही यह भी प्रचारित किया जा रहा है कि बांग्लादेश के हिंदू भारत समर्थक हैं और इसलिए उन्हें देश में रहने का कोई अधिकार नहीं है.

शेख हसीना भी चुनावी राजनीति का बड़ा मुद्दा

एक अन्य अधिकारी ने बताया कि इस साजिश का एक अहम हिस्सा अल्पसंख्यक हिंदू समुदाय के खिलाफ फर्जी कहानियां गढ़ना भी है. हिंदुओं पर चोरी और अन्य अपराधों के झूठे आरोप लगाए जाएंगे ताकि स्थानीय लोग उनके खिलाफ हिंसा कर सकें. शेख हसीना भी चुनावी राजनीति का बड़ा मुद्दा बनी हुई हैं. कई दल उन्हें भारत समर्थक और बांग्लादेश विरोधी करार दे रहे हैं. भारत पर हसीना को शरण देने के आरोप लगाए जा रहे हैं जबकि बांग्लादेश उनकी प्रत्यर्पण मांग कर चुका है.

हिंदू विरोधी बयानबाजी से जमात-ए-इस्लामी को फायदा

विशेषज्ञों का मानना है कि यह रणनीति कितनी सफल होगी, इसका आंकलन करना मुश्किल है. हालांकि बांग्लादेश की बड़ी आबादी भारत के साथ अच्छे संबंध चाहती है, न कि पाकिस्तान के साथ. अधिकारियों का कहना है कि भारत और हिंदू विरोधी बयानबाजी से जमात-ए-इस्लामी को खासा फायदा हो रहा है. सबसे बड़ी चिंता यह है कि आने वाले दिनों में हालात और बिगड़ सकते हैं. ऐसे तनावपूर्ण माहौल में बांग्लादेश में रहने वाले अल्पसंख्यकों की सुरक्षा को लेकर गहरी चिंता बनी हुई है.

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