मोहम्मद यूनुस की अंतरिम सरकार का तानाशाही फैसला! बांग्लादेशी करेंसी में नहीं दिखेगी मुजीबुर्रहमान की तस्वीर

Divya Rai
Content Writer The Printlines (Part of Bharat Express News Network)

Bangladesh violence: शेख हसीना की सत्ता के तख्तापलट के बाद बांग्लादेश में हालात लगातार बिगड़ते जा रहे हैं. इस देश में अशांति का माहौल बना हुआ है. इसी बीच मोहम्मद यूनुस की अंतरिम सरकार ने एक बड़ा फैसला लिया है. दरअसल, अब बांग्लादेशी करेंसी पर पूर्व राष्ट्रपति और देश के संस्थापक शेख मुजीबुर्रहमान की तस्वीर नहीं दिखाई देगी.

नोटों पर किसकी दिखाई जाएगी झलक

बांग्लादेश के केंद्रीय बैंक ने इस बात जी जानकारी दी है कि 20, 100, 500, और 1,000 टाका के नए नोटों की छपाई शुरू हो चुकी है. इन नोटों पर जुलाई 2023 में हुए छात्र आंदोलन की झलक दिखाई जाएगी. बता दें कि ये वही आंदोलन था जिसने बांग्लादेश की पूर्व प्रधानमंत्री शेख हसीना को अपना मुल्क छोड़ने पर मजबूर कर दिया था. अब इन नए नोटों में धार्मिक संरचनाओं, बंगाली परंपराओं, और आंदोलन के दौरान बनाए गए ग्रैफिटी को शामिल किया जाएगा.

अगले छह महीनों में बाजार में आ जाएंगे नए नोट

इस फैसले के बाद बांग्लादेश बैंक की कार्यकारी निदेशक हुशनारा शिखा ने कहा कि नए नोट अगले छह महीनों में बाजार में आ जाएंगे. आपकी जानकारी के लिए बता दें कि इसी साल सितंबर में बांग्लादेश के वित्त मंत्रालय ने नए नोटों के लिए विस्तृत डिज़ाइन प्रस्ताव पेश किया था.

मुजीबुर्रहमान की छवियों को बनाया गया था निशाना

बांग्लादेश में हुए छात्र आंदोलन के दौरान प्रदर्शनकारियों ने पूर्व राष्ट्रपति मुजीबुर्रहमान की प्रतिमाओं को अपना निशाना बनाया था. प्रदर्शनकारियों ने उनकी मूर्तियों को तोड़ा और उनकी छवि वाले अन्य सार्वजनिक स्थलों को भी नुकसान पहुंचाया.

शेख हसीना ने मुहम्मद युनुस पर लगाए आरोप

वहीं, शेख हसीना ने मुहम्मद युनुस पर हिंदुओं को सुरक्षा देने में विफल रहने का आरोप लगाया है. शेख हसीना ने कहा कि युनुस बांग्लादेश में अराजकता फैलाने और देश की स्थिरता को खतरे में डालने के लिए जिम्मेदार हैं. उन्होंने कहा कि ढाका में मौजूदा सत्तारूढ़ सरकार अल्पसंख्यकों की रक्षा करने में विफल रही है.

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