अमेरिका में वन्यजीव अधिकारियों ने ही 14 भालुओं को उतारा मौत के घाट, आखिर क्या था उनका गुनाह

Aarti Kushwaha
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Reporter The Printlines (Part of Bharat Express News Network)
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Black Bear killed: अमेरिका के मोंटाना में वन्यजीव अधिकारियों ने पिछले हफ्ते 14 काले भालुओं को एक साथ मौत के घाट उतार दिया. अधिकारियों ने कहा कि उन्हें इन भालुओं के साथ उनका एक बच्चा भी मिला, जिसे चिड़ियाघर में रखे जाने की संभावना के चलते दूसरी जगह भेजा गया. ऐसे में सवाल ये है कि आखिर ऐसा क्यों किया गया. इन भालुओं ने ऐसा क्या गुनाह किया गया था कि उनके रक्षकों ने ही उन्हें सजा-ए-मौत दे दी.

इन भालुओं का गुनाह क्या था?

अधिकारिक बयान के अनुसार, मोंटाना के गेम वार्डन कैप्टन जोश लियोनार्ड ने कहा कि “ये भालू इंसानों से डरते नहीं थे और इन्होंने प्राकृतिक भोजन पर निर्भर रहना छोड़ दिया था. यह बहुत दुखद है कि उन्हें मारना पड़ा.”

बयान के अनुसार, 24 और 25 सितंबर को, वाइल्डलाइफ के जांचकर्ताओं को इस जगह पर ऐसे भालू मिले जो खाने के लिए इंसानों पर बहुत अधिक निर्भर हो चुके थे और इंसानों की मौजूदगी के आदी हो गए थे. भालुओं के व्यवहार से इंसानों की सुरक्षा को लेकर चिंता लगातार बढ़ती जा रही थी, जिसके कारण, 14 भालुओं को पकड़ा गया और मानवीय तरीके से मार दिया गया. उनके एक बच्चे (शावक) को हेलेना में FWP की मोंटाना वाइल्ड सुविधा केंद्र ले जाया गया, ताकि उसे किसी मान्यता प्राप्त चिड़ियाघर में रखा जा सके.”

भालुओं को खाना खिलाना गैरकानूनी

बता दें कि मोंटाना में भालुओं को खाना खिलाना गैर-कानूनी है. दरअसल,  बयान में स्पष्ट रूप से लिखा गया है कि “राज्य का कानून भालू समेत जंगली जानवरों (जिन्हें ‘गेम एनिमल्स’ कहा जाता है) को अलग से खाना देने पर रोक लगाता है. जब भालू शहरी और रिहायशी इलाकों से खाना खोजने या पाने के आदी हो जाते हैं, तो वे प्राकृतिक और स्वस्थ तरीके से खाना खोजने की इच्छा और क्षमता खो देते हैं. इस व्यवहार को पुनर्वास या दूसरी जगह भेजकर ठीक नहीं किया जा सकता, और इससे इंसानों की सुरक्षा को खतरा पैदा होता है क्योंकि भालू घरों के पास या अंदर खाना ढूंढते रहते हैं. ऐसे में उन्हें चिड़ियाघर में रखना एक बहुत सीमित विकल्प है जो हमेशा मुमकिन नहीं होता.”

वन्यजीव अधिकारियो का कहना है कि इंसानों के बीच रहने और खाने की आदत डाल चुके भालुओं को मारना एक दुर्भाग्यपूर्ण और आखिरी उपाय है. हमें ऐसा इसलिए करना पड़ता है क्योंकि टकराव वाली जगहों और दूसरी जगहों पर इंसानों की सुरक्षा और संपत्ति को खतरा होता है.  बता दें कि इन भालुओं को मारने के लिए जहर का इंजेक्शन दिया जाता है ताकि वे बिना किसी दर्द के मर सकें.

यहां लगाना पड़ता है एंटी-भालू डस्टबीन

आपको मालूम हो कि मोंटाना भालुओं का इलाका है. यहां कई इलाकों में एंटी-भालू कचरा डिब्बे लगे हैं. यानी ऐसे कचरे के डिब्बे जिसमें ये भालू मुंह डालकर या गिराकर फेंका हुआ खाना न खा सकें. ये कदम भालुओं के सही व्यवहार को बढ़ावा देने और लोगों के लिए सुरक्षित माहौल बनाने में मदद करते हैं.

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