New Delhi: स्वीडन ने भी अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के सुझाए ‘बोर्ड ऑफ पीस’ में शामिल होने का प्रस्ताव ठुकरा दिया है. इससे पहले यूरोपीय देशों में शामिल फ्रांस और नॉर्वे ने भी इस पर असहमति जताई थी. जहां एक तरफ नॉर्वे, फ्रांस और स्वीडन ने इनकार कर दिया है, वहीं इजरायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने ट्रंप के न्योते को स्वीकार कर लिया है.
इसका हिस्सा नहीं बनेगा स्वीडन
स्वीडन के प्रधानमंत्री उल्फ क्रिस्टर्सन ने दावोस में पत्रकारों को इसकी जानकारी दी. उन्होंने कहा कि मौजूदा टेक्स्ट के साथ वे इस बोर्ड में शामिल नहीं होंगे. मंगलवार को ही नॉर्वे ने स्पष्ट कर दिया था कि वह इसका हिस्सा नहीं बनेगा. नॉर्वे के उप विदेश मंत्री एंड्रियास मोट्जफेल्ट क्राविक ने कहा कि देश अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप द्वारा प्रस्तावित ‘बोर्ड ऑफ पीस’ में शामिल नहीं होगा. वह ऐसे किसी भी पहल में हिस्सा नहीं ले सकता जो संयुक्त राष्ट्र के सिद्धांतों और बुनियाद को कमजोर करता हो.
पुतिन और उनके बेलारूसी समकक्ष को पद की पेशकश
क्राविक ने नॉर्वे के अखबार को दिए एक इंटरव्यू में यह बात कही. इससे पहले फ्रांस ने भी प्रस्ताव ठुकरा दिया था. फ्रांस ने भी कहा कि वो मौजूदा फॉर्मेट में बोर्ड में शामिल नहीं होंगे, जबकि यूनाइटेड किंगडम ने इसकी बनावट पर चिंता जताई है. ऐसा इसलिए भी क्योंकि रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन और उनके बेलारूसी समकक्ष अलेक्जेंडर लुकाशेंको को बोर्ड में पद की पेशकश की गई है. रॉयटर्स द्वारा देखे गए एक पत्र और ड्राफ्ट चार्टर की कॉपी के अनुसार इस बोर्ड की अध्यक्षता ट्रंप जीवन भर करेंगे.
दूसरे संघर्षों से निपटने की योजना
शुरुआत में गाजा संघर्ष पर ध्यान देगा और बाद में इसका दायरा बढ़ाकर दूसरे संघर्षों से निपटने की योजना है. फ्रांसीसी राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों ने मंगलवार को विश्व आर्थिक मंच से कहा था कि ये यूएनएससी संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद का विकल्प नहीं हो सकता. उनकी इस टिप्पणी से यूरोपीय देशों की उस आशंका को बल मिलता है जिसमें ट्रंप यूएन के समानांतर एक वैश्विक संगठन को खड़ा करने की ख्वाहिश रखते हैं.
ट्रंप का न्योता स्वीकार करते हैं नेतन्याहू
जहां एक तरफ नॉर्वे, फ्रांस और स्वीडन ने इनकार कर दिया है, वहीं इजरायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने ट्रंप के न्योते को स्वीकार कर लिया है. बुधवार को पीएम कार्यालय ने एक्स पर भी बयान जारी किया, जिसमें लिखा है कि प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने घोषणा की है कि वह अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप का न्योता स्वीकार करते हैं और पीस बोर्ड के सदस्य बनेंगे, जिसमें दुनिया के नेता शामिल होंगे.
गाजा पट्टी से जुड़े विवादों को सुलझाने की एक पहल
यह बोर्ड दुनिया भर में गाजा पट्टी से जुड़े विवादों को सुलझाने की एक पहल है. इसकी अध्यक्षता ट्रंप जीवन भर करेंगे. इससे पहले इजरायल, पाकिस्तान और तुर्की जैसे देशों ने इस बोर्ड में शामिल होने को लेकर नाराजगी जाहिर की थी.
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