Gold Silver Price Today: बुधवार को सोने की कीमतों में चार प्रतिशत से अधिक की तेज़ी दर्ज की गई और यह फिर से नए रिकॉर्ड स्तर पर पहुंच गया. चांदी ने भी अपना पिछला उच्चतम स्तर पार करते हुए नया ऑल-टाइम हाई बनाया. अमेरिका और यूरोप के बीच बढ़ते व्यापार तनाव तथा डॉलर में कमजोरी की आशंका के चलते निवेशक सुरक्षित निवेश विकल्पों की ओर रुख कर रहे हैं, जिससे सोना-चांदी की मांग बढ़ी है.
बुधवार के कारोबारी सत्र में MCX पर फरवरी डिलीवरी वाला सोना 1,58,339 रुपये प्रति 10 ग्राम के रिकॉर्ड स्तर तक पहुंच गया, जबकि मार्च डिलीवरी वाली चांदी 3,35,000 रुपये प्रति किलोग्राम पर पहुंच गई.
एमसीएक्स पर तेज़ी, सुबह तक ऊंचे स्तर बरकरार
खबर लिखे जाने तक (सुबह करीब 11.50 बजे) एमसीएक्स पर फरवरी डिलीवरी वाला सोना 7,363 रुपए यानी 4.89 प्रतिशत की तेजी के साथ 1,57,928 रुपए प्रति 10 ग्राम पर था. जबकि, मार्च डिलीवरी वाली चांदी 10,499 रुपए यानी 3.24 प्रतिशत चढ़कर 3,34,171 रुपए प्रति किलो पर पहुंच गई.
अंतरराष्ट्रीय बाजारों में भी सोने ने नया रिकॉर्ड बनाया. कॉमेक्स पर अमेरिकी सोना 4,849 डॉलर प्रति ट्रॉय औंस तक पहुंच गया. अंतरराष्ट्रीय बाजार में चांदी की कीमतें 92.5 से 95.7 डॉलर प्रति औंस के दायरे में बनी रहीं.
टैरिफ बढ़ने की आशंका से बढ़ा सुरक्षित निवेश का रुझान
कीमतों में यह उछाल उस रिपोर्ट के बाद देखने को मिला, जिसमें कहा गया कि अमेरिका फरवरी से यूरोप के आठ देशों पर 10 प्रतिशत टैरिफ लगाने की तैयारी कर रहा है. इसके अलावा, जून तक इन टैरिफ को बढ़ाकर 25 प्रतिशत किए जाने की भी संभावना जताई जा रही है. इसके जवाब में यूरोपीय देश भी अमेरिका के खिलाफ व्यापारिक कदम उठाने पर विचार कर रहे हैं.
चांदी का आउटलुक मध्यम और लंबी अवधि में मजबूत
विशेषज्ञों का मानना है कि मध्यम और लंबी अवधि में चांदी का आउटलुक काफी मजबूत बना हुआ है. सप्लाई की कमी और औद्योगिक मांग में लगातार बढ़ोतरी के चलते 2026 तक चांदी की कीमत 110 से 120 डॉलर प्रति औंस तक पहुंच सकती है. एमसीएक्स पर चांदी के फ्यूचर्स में फिलहाल 3,30,000 से 3,32,000 रुपये प्रति किलो का स्तर अहम माना जा रहा है, जबकि आने वाले महीनों में इसके 3,35,000 से 3,50,000 रुपये प्रति किलो तक जाने की संभावना जताई जा रही है.
ट्रेड वॉर और बाजार गिरावट से बढ़ी घबराहट
पृथ्वीफिनमार्ट कमोडिटी रिसर्च के विशेषज्ञ मनोज कुमार जैन ने कहा कि अमेरिका और यूरोप के बीच ट्रेड वॉर बढ़ने और वैश्विक शेयर बाजारों में गिरावट से निवेशकों में घबराहट बढ़ी है. ऐसे माहौल में लोग जोखिम भरे निवेश छोड़कर सोने और चांदी जैसे सुरक्षित विकल्पों में पैसा लगा रहे हैं. उन्होंने बताया कि अमेरिकी बॉन्ड यील्ड बढ़ने, जापान के बॉन्ड बाजार में बिकवाली और रुपए की कमजोरी ने भी सोने और चांदी की कीमतों को सहारा दिया है.
औद्योगिक मांग और केंद्रीय बैंकों की खरीद से समर्थन
विशेषज्ञों के अनुसार, सोलर एनर्जी, इलेक्ट्रिक वाहन (ईवी), आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) और इलेक्ट्रॉनिक्स जैसे क्षेत्रों में मजबूत मांग से सोने और चांदी की कीमतों को लगातार समर्थन मिल रहा है. इसके साथ ही केंद्रीय बैंकों की बढ़ी हुई खरीद, भू-राजनीतिक तनाव, महंगाई से बचाव की जरूरत और आसान मौद्रिक नीति की उम्मीदें भी इन कीमती धातुओं को मजबूती प्रदान कर रही हैं.
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