कैलिफोर्निया के कई शहरों में प्रदर्शन, ICE के विरोध में सड़कों पर जमकर नारेबाजी, हत्या के बाद फैला आक्रोश

California: अमेरिका के कैलिफोर्निया राज्य में कई शहरों में इमिग्रेशन एंड कस्टम्स एनफोर्समेंट (ICE) के खिलाफ बड़े स्तर पर जमकर प्रदर्शन हुआ. राजधानी सैक्रामेंटो से लेकर सोनोरा शहर तक और सैन फ्रांसिस्को से लॉस एंजिल्स तक लोगों ने सड़कों पर उतरकर विरोध जताया. इस दौरान ‘नो ICE’, ‘नो केकेके’, ‘नो फासीवादी अमेरिका’ के नारे भी लगाए गए लॉस एंजिल्स के पास स्थित पासाडेना शहर में सिटी हॉल के पास करीब 500 लोग इकट्ठा हुए थे.

कई संगठनों ने मिलकर किया था इनका आयोजन

इन प्रदर्शनों को ‘ICE आउट फॉर गुड’ नाम दिया गया था. कई संगठनों ने मिलकर इनका आयोजन किया था, जिनमें अमेरिकन सिविल लिबर्टीज यूनियन और 50501 मूवमेंट शामिल थे. इन्होंने पिछले साल लगभग हर महीने अमेरिका के सभी 50 राज्यों में बड़े प्रदर्शन कराए थे. लोग कार के हॉर्न और तालियों के साथ विरोध जता रहे थे. 50501 मूवमेंट की ओर से शुक्रवार को जारी बयान में कहा गया कि साल 2025 में अब तक ICE की हिरासत में कम से कम 32 लोगों की मौत हो चुकी है.

इस देश को खुद को बदलने की जरूरत

शनिवार को हुए ये प्रदर्शन दो हालिया घटनाओं के बाद हुए. पहली घटना मिनियापोलिस की है, जहां एक संघीय अधिकारी ने 37 साल की तीन बच्चों की मां रेनी गुड को गोली मार दी, जिससे उनकी मौत हो गई. दूसरी घटना ओरेगन के पोर्टलैंड शहर की है, जहां एक अधिकारी ने गोली चलाकर दो लोगों को घायल कर दिया. प्रदर्शन में शामिल सामाजिक कार्यकर्ता डायस एलन ने बताया कि हम यहां यह बताने के लिए हैं कि इस देश को खुद को बदलने की जरूरत है.

एक निर्दोष महिला की मौत पर शोक

उन्होंने लोगों से अपील की कि वे इस विरोध में शामिल हों. उन्होंने कहा कि यह प्रदर्शन एक निर्दोष महिला की मौत पर शोक जताने के लिए भी है, जिसने एक मकसद के लिए अपनी जान गंवाई. ऑस्ट्रेलिया से आई एक प्रवासी महिला प्रदर्शनकारी जेनी ने बताया कि उन्होंने मिनियापोलिस की घटना से जुड़े कई वीडियो देखे हैं. उन्होंने कहा कि ICE आम लोगों की सुरक्षा के लिए खतरा बन चुका है और यह सभी प्रवासियों के लिए डर की वजह है.

संवैधानिक अधिकारों का उल्लंघन

जेनी का कहना था कि ICE को सड़कों से हटाया जाना चाहिए. यह एजेंसी अमेरिका के संविधान के अनुसार काम नहीं कर रही है और 14वें संशोधन समेत कई संवैधानिक अधिकारों का उल्लंघन कर रही है. देश में रहने वाले हर व्यक्ति के संवैधानिक अधिकारों की गारंटी होनी चाहिए.

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