HPV वैक्सीन से सर्वाइकल कैंसर को खत्म करने वाला पहला देश बनेगा ऑस्ट्रेलिया, भारत ने भी शुरू किया अभियान

Health Tips: दुनियाभर में महिलाओं में होने वाली गंभीर बीमारी सर्वाइकल कैंसर को अब खत्म करने की दिशा में एक ठोस प्रगति देखने को मिल रही है. खासतौर पर ऑस्ट्रेलिया ने इस दिशा में एक मॉडल पेश किया है, जिसे फ्यूचर की बड़ी health success माना जा रहा है. इतना ही नहीं, ऑस्ट्रेलिया में कम उम्र की महिलाओं में सर्वाइकल कैंसर के मामले बेहद कम हो गए हैं. हालांकि, भारत में भी इस दिशा में कदम उठाए जा रहे हैं.

लड़कियों के लिए HPV टीकाकरण अभियान शुरू

यहां 9 से 14 साल की लड़कियों के लिए HPV टीकाकरण अभियान शुरू किया गया है. साथ ही महिलाओं में जागरूकता बढ़ाने पर भी जोर दिया जा रहा है, ताकि वे समय पर जांच और बचाव के उपाय अपनाएं. डॉक्टरों के मुताबिक, सर्वाइकल कैंसर Uterus के निचले हिस्से यानी सर्विक्स में पनपता है. मेडिकल रिसर्च के अनुसार, इसके लगभग 99% मामलों के पीछे ह्यूमन पैपिलोमावायरस यानि HPV संक्रमण जिम्मेदार होता है.

बार-बार संक्रमण होने पर कैंसर का खतरा

यह वायरस अक्सर बिना लक्षण के शरीर में मौजूद रहता है, लेकिन बार-बार संक्रमण होने पर कैंसर का खतरा बढ़ जाता है. दुनियाभर में महिलाओं में यह चौथा सबसे आम कैंसर है. ऑस्ट्रेलिया पिछले कई सालों से एक organized strategy पर काम कर रहा है. वहां 12 से 13 साल की स्कूली बच्चियों को नेशनल इम्यूनाइजेशन प्रोग्राम के तहत HPV वैक्सीन दी जाती है.

HPV संक्रमण को रोकना वैक्सीन का उद्देश्य 

बाद में इस अभियान में लड़कों को भी शामिल किया गया, क्योंकि वे इस वायरस के वाहक बन सकते हैं. इस वैक्सीन का उद्देश्य HPV संक्रमण को रोकना है, जिससे सर्वाइकल कैंसर का खतरा काफी कम हो जाता है. इस पहल की शुरुआत 2006 में वैज्ञानिक रिसर्च से हुई, जब HPV से बचाव के लिए एक प्रभावी वैक्सीन विकसित की गई. इसके बाद स्क्रीनिंग सिस्टम में भी सुधार किया गया.

महिलाओं को खुद सैंपल लेने की सुविधा

Pap smear test की जगह ज्यादा सटीक HPV based screening शुरू की गई, जो हर पांच साल में एक बार करानी होती है. इसके अलावा महिलाओं को खुद सैंपल लेने की सुविधा भी दी गई, जिससे ज्यादा महिलाएं जांच के लिए आगे आने लगीं. इन प्रयासों के positive results अब सामने आने लगे हैं. हाल के आंकड़ों के अनुसार, ऑस्ट्रेलिया में कम उम्र की महिलाओं में सर्वाइकल कैंसर के मामले बेहद कम हो गए हैं.

महिलाओं में जागरूकता बढ़ाने पर भी जोर

विशेषज्ञों का मानना है कि अगर यही रफ्तार बनी रही, तो आने वाले सालों में यह देश सर्वाइकल कैंसर को लगभग खत्म करने वाला पहला देश बन सकता है. भारत में भी इस दिशा में कदम उठाए जा रहे हैं. यहां 9 से 14 साल की लड़कियों के लिए HPV टीकाकरण अभियान शुरू किया गया है. साथ ही महिलाओं में जागरूकता बढ़ाने पर भी जोर दिया जा रहा है, ताकि वे समय पर जांच और बचाव के उपाय अपनाएं.

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