New Delhi: चीन ने ब्राजील के बीफ निर्यात पर 55% एक्स्ट्रा टैरिफ लगाने का ऐलान कर दिया है. 1 अक्टूबर 2026 से यह फैसला लागू भी हो जाएगा. इसके बाद से एक तय सीमा से ज्यादा बीफ भेजने पर ब्राजील को कुल 67% इंपोर्ट ड्यूटी देनी होगी. चीन के वाणिज्य मंत्रालय के मुताबिक, ब्राजील से चीन को होने वाला बीफ निर्यात 2026 के लिए तय सालाना कोटे की सीमा तक पहुंच गया है. यह सीमा 11 लाख मीट्रिक टन है. इसी वजह से 1 अक्टूबर से तय कोटे से ज्यादा आने वाले बीफ पर 55% अतिरिक्त शुल्क वसूला जाएगा.
सिर्फ ब्राजील को निशाना बनाकर नहीं लिया फैसला
हालांकि, यह फैसला सिर्फ ब्राजील को निशाना बनाकर नहीं लिया गया है. चीन ने जनवरी 2026 में ही सभी सप्लायर देशों पर लागू होने वाले इस अतिरिक्त शुल्क की घोषणा की थी. चीन का कहना है कि इसका मकसद अपने घरेलू पशुपालकों और बीफ उद्योग को विदेशी प्रतिस्पर्धा से बचाना है. इसका सीधा असर ब्राजील के निर्यातकों की लागत और चीन में उनके उत्पादों की प्रतिस्पर्धात्मक स्थिति पर पड़ सकता है. निर्यातकों को तय करना होगा कि वे बढ़े हुए शुल्क का बोझ खुद उठाएं, खरीदारों पर डालें या चीन को भेजी जाने वाली मात्रा घटाएं.
हर व्यापारिक मुद्दे पर एक-दूसरे को रियायत
ब्राजील और चीन ब्रिक्स के सदस्य हैं. लेकिन आर्थिक साझेदारी का मतलब यह नहीं है कि दोनों देश हर व्यापारिक मुद्दे पर एक-दूसरे को रियायत देंगे. चीन दुनिया में ब्राजील के बीफ का सबसे बड़ा खरीदार है. ऐसे में चीनी बाजार तक पहुंच ब्राजील के पशुपालकों और मीट निर्यातकों के लिए बेहद अहम है. चीन अपने घरेलू पशुपालन उद्योग की सुरक्षा को प्राथमिकता दे रहा है, जबकि ब्राजील अपने निर्यात बाजार को बनाए रखना चाहता है. यही इस खबर का सबसे अहम आर्थिक पहलू है.
समस्या का विकल्प खोजने की भी कोशिश
अंतरराष्ट्रीय समूहों में साथ होने के बावजूद देश अपने घरेलू उद्योग, किसानों और कारोबारियों के हितों के हिसाब से व्यापार नीति बना सकते हैं. ब्राजील ने इस समस्या का विकल्प खोजने की भी कोशिश की. ब्राजील के राष्ट्रपति लुइज इनासियो लूला दा सिल्वा ने पिछले सप्ताह कहा था कि उरुग्वे ने चीन को बीफ निर्यात करने के अपने कोटे में से अतिरिक्त मात्रा इस्तेमाल करने की अनुमति दी है.
ब्राजील को उरुग्वे के कोटे का इस्तेमाल
लेकिन उद्योग से जुड़े सूत्रों के मुताबिक, चीन ने इस साल या अगले साल के लिए ब्राजील को उरुग्वे के कोटे का इस्तेमाल करने की मंजूरी नहीं दी है. इससे ब्राजील की मुश्किल बढ़ गई है. यानी दूसरे देश के कोटे के सहारे चीन को ज्यादा बीफ बेचने का रास्ता भी फिलहाल आसान नहीं दिख रहा. अब नजर इस बात पर भी है कि चीन साल 2027 के लिए अपनी बीफ कोटा व्यवस्था को जारी रखता है या उसमें बदलाव करता है. इस पर साल के अंत तक फैसला अहम हो सकता है.
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