अमेरिका से युद्ध में चीन कर रहा ईरान की मदद, तेहरान को ₹610 करोड़ के MANPADS दे रहा ड्रैगन

New Delhi: चीन खाड़ी के युद्ध में ईरान के हाथ मजबूत करने के लिए उसकी हवाई सुरक्षा मजबूत करने का मोर्चा संभाल रहा है. मीडिया रिपोर्टों के मुताबिक ईरान आने वाले कुछ हफ्तों में चीन से बड़ी संख्या में आधुनिक कंधे पर रखकर दागी जाने वाली एयर डिफेंस मिसाइलें यानि MANPADS हासिल कर सकता है. पाकिस्तानी न्यूज पोर्टल समा टीवी की खबर के मुताबिक इस सौदे के तहत ईरान को चीन की QW-12 और FN-16 जैसी मिसाइल प्रणालियां दे सकता है.

300 से 400 मिसाइल सिस्टम शामिल

बताया जा रहा है कि इसकी पहली खेप में 300 से 400 मिसाइल सिस्टम शामिल हो सकते हैं और इस रक्षा सौदे की अनुमानित कीमत 6 से 7 करोड़ डॉलर यानि करीब 610 करोड़ रुपये तक हो सकती है. इस रिपोर्ट को चीन की ओर से पूरी तरह खारिज कर दिया गया है. चीन के विदेश मंत्रालय ने कहा कि हथियारों की आपूर्ति से जुड़ी सभी रिपोर्टें निराधार हैं और बीजिंग हमेशा शांति का समर्थन करता है.

एयर डिफेंस सिस्टम की कमजोरियां

रिपोर्ट के मुताबिक हाल के महीनों में अमेरिका और इजरायल की ओर से ईरान के कई सैन्य ठिकानों पर हुए हमलों के बाद उसके एयर डिफेंस सिस्टम की कमजोरियां सामने आई थीं. इसके बाद ईरान ने अपनी छोटी दूरी की हवाई सुरक्षा प्रणाली को मजबूत करने का फैसला किया है. अगर ये रिपोर्ट सच हुई तो हाल के वर्षों में ईरान का ये सबसे बड़ा शॉर्ट-रेंज एयर डिफेंस सौदा हो सकता है. यह समझौता हांगकांग की कंपनी झोंगछिंग बाओशांग इंटरनेशनल इन्वेस्टमेंट के जरिये किया गया है, जिसने ईरानी अधिकारियों और चीनी सप्लायर के बीच मध्यस्थ की भूमिका निभाई.

खबर पूरी तरह खारिज

चीन ने इन खबरों को पूरी तरह खारिज कर दिया है और कहा है कि बीजिंग हमेशा शांति और संघर्षों को समाप्त करने की नीति का समर्थन करता है. रिपोर्ट में यह भी दावा किया गया है कि इन मिसाइलों की पहली खेप चीन के उरुमकी शहर से हवाई मार्ग के जरिए भेजी जा सकती है और इसके बाद पाकिस्तान के रास्ते ईरान पहुंचाई जा सकती है. ऐसे में पाकिस्तान की सेना के जनसंपर्क विभाग ने भी साफ किया कि चीन से ईरान तक एयर डिफेंस हथियार पहुंचाने में पाकिस्तान की किसी भी तरह की भूमिका नहीं है.

मिसाइलें युद्ध के दौरान काफी प्रभावी

MANPADS एक आधुनिक तकनीक है, जिसके जरिये कंधे से दागी जाने वाली मिसाइलें युद्ध के दौरान काफी प्रभावी मानी जाती हैं. इन्हें आसानी से एक स्थान से दूसरे स्थान पर ले जाया जा सकता है और कम संख्या में सैनिक भी इसे चला सकते हैं. यही वजह है कि इन्हें निशाना बनाना आसान नहीं होता. QW-12 और FN-16 जैसी मिसाइलें इंफ्रारेड तकनीक से लैस होती हैं और कम ऊंचाई पर उड़ रहे लड़ाकू विमान, हेलीकॉप्टर और ड्रोन को निशाना बनाने में सक्षम हैं.

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