ईरान के साथ युद्ध में बिजी था अमेरिका, उधर चीन ने ताइवान पर चली ट्रंप जैसी चाल

China Taiwan Talks : काफी लंबे समय से ईरान और अमेरिका के बीच चल रहे युद्ध के चलते चीन ने ताइवान पर अमेरिका जैसी चाल चल दी है. बता दें कि अमेरिका को बिजी देखकर नक्शेकदम पर चलते ही चीन ने ताइवान पर खेला शुरू कर दिया है. बता दें कि चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग ने शुक्रवार को ताइवान की मुख्य विपक्षी पार्टी कुओमिनतांग (KMT) की अध्यक्ष चेंग ली-वुन से बीजिंग में मुलाकात की. ऐसे में इस कदम को ठीक उसी रूप में देखा जा रहा है जैसे कुछ ही समय पहले अमेरिका ने वेनेजुएला के राष्ट्रपति निकोलस मादुरो पर ऑपरेशन से पहले और मिशन पूरा होने के बाद विपक्ष की नेता को अपने पाले में बैठा रखा था.

प्राप्‍त जानकारी के अनुसार चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग की ताइवान की विपक्षी नेता से मुलाकात को बड़े राजनीतिक घटनाक्रम के तौर पर देखा जा रहा है. बता दें कि चीन लंबे समय से ताइवान पर अपना दावा ठोकता रहा है. ऐसे में चीन का कहना है कि ताइवान चीन का ही हिस्सा है. हालांकि ताइवान की मौजूदा सरकार जिनपिंग के इस दावे को खारिज करती रही है. लेकिन इस मामले को लेकर विपक्ष का रुख लचीला है. इसी का फायदा चीन उठाना चाहता है. चेंग ली के साथ बैठक में शी ने कहा कि शांति दोनों पक्षों के लोगों की साझा इच्छा है. यही कारण है कि दोनों देशों के बीच इस मुलाकात को बेहद अहम माना जा रहा है.

चीनी यात्रा करने वाली पहली ताइवानी विपक्षी नेता बनीं चेंग ली

बता दें कि पिछले एक दशक में चेंग ली-वुन ने चीन की यात्रा की और ऐसा करने वाली पहली विपक्षी अध्यक्ष हैं. इसके साथ ही चीन ताइवान को अपना अभिन्न अंग मानता है और उसे मुख्यभूमि के साथ पुनः एकीकरण करने का संकल्प बार-बार दोहराता रहा है. बीजिंग ताइवान पर सैन्य और कूटनीतिक दबाव बढ़ाने के साथ-साथ KMT जैसे बीजिंग समर्थक दलों का परोक्ष समर्थन भी करता है.

लोगों का एक साथ आना इतिहास की निश्चितता

ऐसे में मुलाकात के दौरान शी चिनपिंग का कहना है कि “दोनों पक्षों के लोग चीनी ही हैं. हमें शांति चाहिए, विकास चाहिए, संवाद चाहिए और सहयोग चाहिए और यह हम सबकी साझा इच्छा है.” साथ ही उन्‍होंने यह भी विश्वास जताया कि ताइवान जलडमरूमध्य के दोनों ओर रहने वाले लोग अंततः एक-दूसरे के और करीब आएंगे. शी ने कहा कि दोनों ओर के लोगों का एक साथ आना इतिहास की निश्चितता है और हमें इस पर पूरा भरोसा है.”

2016 के बाद पहली औपचारिक मुलाकात

जानकारी के अनुसार, नवंबर 2016 के बाद KMT अध्यक्ष और चीनी कम्युनिस्ट पार्टी के शीर्ष नेतृत्व के बीच यह पहली औपचारिक मुलाकात है. इसके साथ ही चेंग ली-वुन ने बैठक में कहा कि दोनों पक्षों को राजनीतिक टकराव से ऊपर उठकर ताइवान जलडमरूमध्य के पार एक साझा और पारस्परिक रूप से लाभकारी समुदाय बनाने की योजना बनानी चाहिए. इस दौरान उन्होंने इस बात पर उन्‍होंने जोर देते हुए कहा कि युद्ध को रोकने और बचने के लिए एक संस्थागत समाधान तलाशा जाना चाहिए, ताकि ताइवान जलडमरूमध्य शांतिपूर्ण विवाद समाधान का विश्व स्तर पर आदर्श उदाहरण बने.

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